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अपात्र शिक्षाकर्मी को दिए वेतन की वूसली पर रोक

बिलासपुर !  शिक्षा कर्मी वर्ग तीन के पद के लिए अपात्र पाई गई महिला को दिए गए वेतन की वसूली तत्कालीन बीईओ से किए जाने शासन के आदेश पर हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। डौडीलोहारा विभाग खण्ड में श्रीमती बीआर साहू की नियुक्ति शिक्षाकर्मी वर्ग तीन के पद पर मुख्य कार्यपालन वर्ग तीन जनपद पंचायत द्वारा की गई थी।
बाद में श्रीमती साहू नियुक्ति के लिए अपात्र पाई गई और नियुक्ति निरस्त कर दी गई। इस दौरान उसे दिए गए वेतन की वसूली तत्कालीन बीईओ सत्यनारायण से करने का आदेश राज्य शासन द्वारा जारी कर दिया गया है। बीइओ ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उसके अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट को बताया कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी सीईओ जनपद पंचायत डौंडीलोहारा है। जैस ही नियुक्ति निरस्त करने की सूचना बीईओ कार्यालय को मिली उसके बाद कोई वेतन भुगतना नहीं किया। प्राचार्य कुकदा से भी इस बाबत प्रारंभिक जांच कराई गई थी। जिसमें भी यहा पाया गया कि याचिकाकर्ता दोषी नहीं है। इसके अलावा कर्मचारी के वेतन वसूली नियम 16 के प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है किंतु उक्त प्रावधान कापालन किए बिना वसूली आदेश जारी कर दिया गया। प्रथम सुनवाई पश्चात शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था एवं बात का उल्लेख नहीं था कि याचिकाकर्ता को वसूली के पूर्व कोई नोटिस जारी की गई थी उच्च न्यायालय ने वसूली कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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