रायपुर. आठ वर्ष की सेवा पूरी कर चुके करीब 1 लाख 3
हजार शिक्षाकर्मी एक जुलाई से शिक्षक बन जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने
सरकारी स्कूलों मेंं काम कर रहे पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के ऐसे
शिक्षकों को शिक्षा विभाग में संविलियन का आदेश जारी कर दिया। यह आदेश
तुरंत ही प्रभावी भी हो गया है।
पहली जुलाई से सातवें वेतन का फायदा संविलियन आदेश के मुताबिक शिक्षक
(एलबी) संवर्ग को एक जुलाई 2018 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के
मुताबिक वेतन और अन्य सुविधाएं देय होगी। सभी लाभों के लिए सेवा की गणना
संविलियन की तारीख एक जुलाई 2018 से की जाएगी। उससे पहले की सेवा के लिए
ऐसे शिक्षकों को एरियर का पात्रता नहीं होगी। इनको नई अंशदायी पेंशन योजना
का लाभ मिलेगा।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार संविलियन की शर्तें इस प्रकार हैं -
- संविलियन किए गए शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) संवर्ग स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक (एलबी) के नाम से जाने जाएंगे।
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स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत पूर्व से संचालित शालाओं में जहां ई-संवर्ग
के शिक्षक पदस्थ हैं, उन शालाओं में पदस्थ पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग
के शिक्षक नवीन नाम एलबी संवर्ग के तथा जहां टी - संवर्ग के शिक्षक पदस्थ
हैं, उन शालाओं में पदस्थ पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षक नवीन
नाम - शिक्षक टी (एलबी) संवर्ग के अंतर्गत होंगे और इनका कैडर अलग-अलग
होगा।
- शिक्षक (एलबी) संवर्ग को एक जुलाई 2018 से सातवे वेतन आयोग की
राज्य शासन द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अनुशंसाओं के अनुरूप वेतन और अन्य
सुविधाएं देय होंगी।
- शिक्षक (एलबी) संवर्ग को देय समस्त लाभ के लिए सेवा की गणना संविलियन की तारीख एक जुलाई 2018 से की जाएगी।
- दिनांक 01 जुलाई 2018 की पहले की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के एरियर्स की पात्रता नहीं होगी।
- शिक्षक (एलबी) संवर्ग को नवीन अंशदायी पेंशन योजना की पात्रता होगी।
- शिक्षक (एलबी) संवर्ग की भर्ती, पदोन्नति और सेवा के नियम स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अलग से बनाकर अधिसूचित किए जाएंगे।
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किसी भी अन्य विभाग के सेवा एवं भर्ती नियमों में यदि इस आदेश के तहत
निर्मित नियमों से असंगत कोई नियम अथवा प्रावधान हो, तो वे नियम या
प्रावधान इस आदेश के प्रावधानों की सीमा तक संशोधित माने जाएंगे। संबंधित
विभाग इस आदेश के प्रावधानों से संगत अनुकूलन आदेश अपने सेवा भर्ती नियमों
में अविलम्ब शामिल कराएगा।
- शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) संवर्ग के
जारी नियुक्ति आदेश के विरूद्ध यदि किसी न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है,
तो उनका संविलियन न्यायालय के निर्णय के अध्याधीन रहेगा।