रायपुर. राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़
(एससीइआरटी) की ओर आयोजित बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) की काउंसलिंग के दौरान
रविवार को विद्यार्थियों के हंगामे को लेकर विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है।
विभाग ने शनिवार को रात 2 बजे तक काउंसलिंग कराकर 9 सौ से अधिक सीटों का
आवंटन कर दिया था। इसको लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी थी। उनका आरोप था
कि सीटों का आवंटन में गड़बड़ी करके दूसरे राज्य के छात्रों और निजी
कॉलेजों को फायदा पहुंचाया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को
शिक्षा विभाग के सचिव गौरव द्विवेदी ने एससीईआरटी अधिकारियों की बैठक ली।
इसमें पूरे मामले और काउंसलिंग के संबंध में जानकारी ली। साथ ही
विद्यार्थियों और उनके परिजनों को देर रात तक काउंसलिंग चलने की सूचना नहीं
देने पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया। उल्लेखनीय है कि सूचना नहीं मिलने
के कारण ही दूरदराज के विद्यार्थी शनिवार की काउंसलिंग में शामिल नहीं हो
पाए थे। इस कारण रविवार को काउंसलिंग के दौरान उन्होंने जमकर हंगामा किया
था।
ऑल इंडिया कोटे की सीटें भी भरी
सोमवार
को ऑल इंडिया कोटे की 307 सीटों के लिए फेस टू फेस काउंसलिंग हुई। शाम
7.30 बजे तक सभी सीटों का अलॉटमेंट हो गया। इस बार साढ़े 28 हजार से अधिक
विद्यार्थियों को बीएड में प्रवेश नहीं मिल पाया। प्रीबीएड की परीक्षा में
42 हजार 557 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। और प्रदेशभर के १४५ कॉलेजों
में केवल 14051 सीटें हैं।
ऑल इंडिया कोटे की सभी सीटें अलॉट हो गई हैं। टाइमिंग को लेकर कुछ
विद्यार्थियों की शिकायत थी। उन्हें दूसरे समय की काउंसिलिंग में शामिल
होने का मौका दिया गया। उनकी मैरिट भी नहीं बदली गई थी।
हेमंत साहू, काउंसिलिंग अधिकारी, एससीईआरटी, रायपुर
समय को लेकर फिर विवाद
सोमवार
को भी समय को लेकर विवाद होता रहा। अधिकारियों ने सभी विद्यार्थियों को
रैंक के आधार पर अलग-अलग समय में काउंसलिंग के लिए बुलाया था। कई
विद्यार्थी अपने समय पर नहीं पहुंच पाए, तो उन्हें काउंसलिंग में शामिल
नहीं किया गया। इससे पालकों में नाराजगी थी। इसको लेकर पूछताछ केंद्र में
हंगामा भी होता रहा। बाद में अधिकारियों ने उन्हें दूसरे राउंड की
काउंसलिंग में मौका दिया।