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एरियर्स से वंचित शिक्षकों हाई कोर्ट से मिली राहत

 बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट ने आठ साल की सेवा अवधि पूरी करने वाले शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान के साथ ही नियमानुसार एरियर्स देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को एरियर्स से वंचित करने पर राज्य शासन व जिला पंचायत को यह निर्देश दिए हैं।

बिलासपुर जिला पंचायत के अंतर्गत कार्यरत शिक्षाकर्मी प्रमोद लहरे, सहायतालाल पैकरा सहित 30 अन्य ने वकील अजय श्रीवास्तव के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें बताया गया कि राज्य शासन ने आठ साल की सेवा अवधि पूरी करने वाले शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन्हें एरियर्स राशि देने का भी प्रावधान किया है। याचिकाकर्ता भी पूर्व में शिक्षाकर्मी वर्ग एक, दो या तीन के पद पर कार्यरत थे। बाद में नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर उन्होंने उच्च पद या फिर समकक्ष पद पर नियुक्त हो गए। नई भर्ती के बाद शासन द्वारा उनकी आठ साल की सेवा अवधि नहीं मानने पर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। पूर्व में प्रकरण की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उनके वकील के तर्कों को स्वीकार किया था और सभी याचिकाकर्ताओं को आठ साल पूर्ण करने की तिथि से पुनरीक्षित वेतनमान देने आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर जिला पंचायत बिलासपुर ने याचिकाकर्ता शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान तो दिया, लेकिन उन्हें एरियर्स के लाभ से वंचित कर दिया। इस पर उन्होंने एरियर्स राशि दिलाने का आग्रह करते हुए दोबारा याचिका लगाई है। प्रकरण की सुनवाई के बाद जस्टिस पी सैम कोशी ने राज्य शासन व जिला पंचायत को याचिकाकर्ताओं को 90 दिनों के भीतर एरियर्स देने का आदेश दिया है।

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