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स्कूल शिक्षा मंत्री ने माना, सरकारी स्कूल में पढ़ाई बदतर

बिलासपुर(निप्र)। स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने 10वीं के परिणाम की समीक्षा करते हुए माना कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति बदतर है। तमाम सुविधा मिलने के बाद भी स्थिति नहीं सुधार रही है। स्कूलों में केवल खानापूर्ति चल रही है। बच्चे अंग्रेजी की एक लाइन लिखना तो दूर पढ़ना भी नहीं जानते।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कश्यप ने शनिवार को कलेक्टर के मंथन सभागार में संभाग के प्राचार्यों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने खराब परिणाम को लेकर जमकर फटकार लगाई। मंत्री श्री कश्यप ने दो टूक कहा कि सभी सुविधा-संसाधन देने के बाद भी शासकीय स्कूलों के बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों को जिम्मेदार बताया। श्री कश्यप ने कहा कि उपकरण होने के बाद भी स्कूलों में प्रायोगिक कार्य नहीं कराए जाते। अंग्रेजी की किताब और शिक्षक होने पर भी परिणाम निराशाजनक आए हैं। नए सत्र से इसमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। श्री कश्यप ने प्राचार्यों से कहा कि इस सत्र से पैटर्न बदलने की योजना है। रट्टा मार की बजाय शोधपरक पढ़ाई को महत्व दिया जाएगा। अच्छे परिणाम वाले स्कूलों को आदर्श घोषित किया जाएगा। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव सुब्रत साहू भी मौजूद रहे। यहां जिलेभर के डेढ़ सौ प्राचार्यों ने अपनी अपनी समस्याएं रखीं और सुझाव भी दिए।
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