; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

सीएम के स्कूल में नहीं है शिक्षक, आप भी कर सकते हैं नौकरी

जगदलपुर. बस्तर संभाग में संचालित मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर शिक्षक भर्ती के प्रयास शुरू हो गए हैं। नए सत्र से संभाग के मॉडल स्कूल अब मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल कहलाएंगे।


हालांकि मुख्यमंत्री का नाम दे दिए जाने के बावजूद इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी नए सत्र में विद्यार्थियों के लिए परेशानी की वजह बन सकती है। इससे निपटने सत्र शुरू होने के पहले ही प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

डीएवी प्रबंधन को इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती व साक्षात्कार की जिम्मेदारी दी गई है। संभाग के 54 मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती करने डीएवी प्रबंधन दंतेवाड़ा में परीक्षा व साक्षात्कार ले रहा है।

चार साल पहले मॉडल स्कूल की स्थापना के बाद यह पहली मर्तबा है कि समुचित भर्ती प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे पहले मॉडल स्कूलों में शिक्षक भर्ती व्यवसायिक परीक्षा मंडल के जरिए करने की बात सामने आई थी। मॉडल स्कूल की अवधारणा के खत्म होने के साथ ही भर्ती की प्रक्रिया को लेकर भी संशय बना हुआ था।

कोर्ट तक की दौड़
मॉडल स्कूल को डीएवी प्रबंधन को नहीं सौंपने के लिए राज्य भर में धरना-प्रदर्शन हुए। आवेदकों ने कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद सरकार के अपने फैसले पर अडिग रहने के बाद अब मॉडल की गाड़ी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल की पटरी पर दौड़ेगी।

नहीं मिल रही जानकारी
डीएवी प्रबंधन के साक्षात्कार लिए जाने को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई है कि आवेदन भरने के बाद भी परीक्षा व साक्षात्कार के लिए उन्हें बुलावा नहीं भेजा गया है। डीएवी ने अभ्यर्थियों की परीक्षाएं व साक्षात्कार के लिए दंतेवाड़ा स्थित बचेली के डीएवी को अपना मुख्यालय बनाया है।


साक्षात्कार से वंचित आवेदकों का कहना है कि एेसे अभ्यर्थियों को फिर से अवसर दिया जाना चाहिए था। शहर में डीएवी से संबंधित कोई जवाबदेह अधिकारी- कर्मचारी नहीं होने से इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।

Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news