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ट्रांसफर की आस लगाए सैकड़ों शिक्षाकर्मियों को निराशा

अंबिकापुर(निप्र)। सरगुजा जिले में पदस्थापना के लिए व यहां से दूसरे जिले में जाने के लिए आए शिक्षाकर्मियों के सैकड़ों आवेदन दरकिनार कर दिए गए हैं। खासकर सहायक शिक्षक पंचायत के करीब 42 आवेदनों पर सरगुजा जिला पंचायत में सहमति ही नहीं दी। यहां पहले से इस वर्ग के बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मी अतिशेष हैं। वहीं व्याख्याता पंचायत व शिक्षक पंचायत के भी कई आवेदनों पर विचार भी नहीं किया गया।
पति-पत्नी आधार पर ही 108 शिक्षाकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। केंद्र शासन के कर्मचारियों को पति-पत्नी आधार नहीं माना गया और सरगुजा जिला पंचायत ने एनओसी भी नहीं दिया है। ऐसे में तीनों वर्गों से स्थानांतरण की आस लगाए बैठे करीब तीन सौ शिक्षाकर्मियों को निराशा हाथ लगी है।
गौरतलब है कि सरगुजा जिले में व्याख्याता पंचायत, शिक्षक पंचायत, सहायक शिक्षक पंचायत वर्ग के बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मियों ने जिले से बाहर व जिले के अंदर स्थानांतरण हेतु लंबे समय से आवेदन कर रखा था। खासकर पति-पत्नी आधार पर आवेदन लगाकर लंबे समय से शिक्षाकर्मी इंतजार में बैठे थे। चार दिन पूर्व जिला पंचायत सरगुजा में 105 विभिन्न वर्गों के शिक्षाकर्मियों को पति-पत्नी आधार पर छानबीन के बाद स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया है किंतु इन्हीं में से कई ऐसे शिक्षाकर्मी थे,जिनके पति या पत्नी केंद्र शासन के कर्मचारी हैं। उन पर विचार नहीं किया गया। इसके लिए शासन से मार्गदर्शन भी मांगा जा रहा है। सरगुजा जिले में सहायक शिक्षक पंचायत की संख्या सर्वाधिक है। यहां सैकड़ों सहायक शिक्षक पंचायत अतिशेष हैं। इनके रहते दूसरे जिले से यहां सहायक शिक्षक पंचायतों को लाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं था,इसलिए जिला पंचायत सरगुजा ने इस पर एनओसी देने से ही इंकार कर दिया है। जानकारी के मुताबिक तीनों वर्गों में कुल 344 आवेदन आए थे,जिनमें 61 आवेदनों को अपात्र कर दिया गया। शेष 283 में 108 का स्थानांतरण बाहरी जिलों में व सरगुजा जिले में किया गया है। व्याख्याता पंचायत के कुल 94 आवेदन स्थानांतरण हेतु आए थे इनमें बाहरी जिला हेतु 41 व सरगुजा जिले के अंदर ही स्थानांतरण हेतु 30 आवेदन सहित कुल 71 आवेदन आए थे, जिनमें बाहरी जिला हेतु 12 व सरगुजा जिले के अंदर 11 सहित कुल 23 को अपात्र कर दिया गया। बाहरी जिले हेतु कुल 29 को स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं अन्य जिलों से कुल 30 एनओसी भी प्राप्त हुआ था। शिक्षक पंचायत वर्ग के कुल 161 आवेदन आए थे जिनमें 103 बाहरी जिला हेतु व 38 सहित कुल 141 आवेदन पात्र माने गए थे। इनमें अन्य जिलों से 61 एनओसी प्राप्त हुआ था जिनमें 59 का स्थानांतरण बाहरी जिलों में करने आदेश जारी किया गया है। सहायक शिक्षक पंचायत के कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें बाहरी जिला के लिए 39 व सरगुजा के भीतर स्थानांतरण हेतु 32 आवेदन सहित 71 आवेदन पात्र माने गए थे जिनमें मात्र 20 सहायक शिक्षक पंचायत को बाहरी जिले हेतु स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है।
सहायक शिक्षक पंचायत सरगुजा में नहीं आएंगे-
सरगुजा जिले में पहले से ही सहायक शिक्षक पंचायत की भरमार है, ऐसे में न तो दूसरे जिले से यहां आने के लिए एनओसी दी गई और न ही सामान्य प्रशासन समिति ने इस पर कोई विचार ही किया। सर्वाधिक 42 सहायक शिक्षक पंचायतों का आवेदन बाहरी जिलों से सरगुजा जिले में पदस्थापना के लिए आया था किंतु एक भी एनओसी जिला पंचायत ने जारी नहीं किया। यहां एक भी पद रिक्त नहीं है। ऐसी स्थिति में लंबे समय से आस लगाए शिक्षाकर्मी वर्ग-3 सहायक शिक्षक पंचायतों को निराशा हाथ लगी है।
आपसी सहमति पर 18 का स्थानांतरण-
शासन के द्वारा निर्धारित तिथि यानि 30 मई तक सरगुजा जिला पंचायत में आपसी सहमति के आधार पर व्याख्याता पंचायत, शिक्षक पंचायत व सहायक शिक्षक पंचायत वर्ग के 18 शिक्षकों का आपसी सहमति पर स्थानांतरण किया है। इनमें व्याख्याता पंचायत वर्ग से एक आवेदन प्राप्त हुआ था जिसमें एनओसी के आधार पर आदेश जारी कर दिया गया। शिक्षक पंचायत वर्ग के सात आवेदन आए थे जिसमें तीन का स्थानांतरण आदेश एनओसी के आधार पर जारी किया गया है, वहीं सहायक शिक्षक पंचायत के लिए आपसी सहमति के आधार पर कुल 14 आवेदन आए थे जिनमें सभी 14 का स्थानांतरण कर दिया गया है।
एक-एक आवेदन पर विचार किया गया था और सामान्य प्रशासन समिति ने निर्णय लिया है। चूंकि जिले में सहायक शिक्षक पंचायत बड़ी संख्या में अतिशेष हैं इसलिए दूसरे जिलों से यहां स्थानांतरण किए जाने की संभावना ही नहीं थी। कई विषयों को लेकर भी दिक्कतें थी। वहीं केंद्र शासन के कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश अनापत्ति व सहमति के बाद भी फिलहाल जारी नहीं किए गए हैं, इस पर विचार किया जाएगा। रायगढ़ एवं जशपुर जिले में जाने वाले सहायक शिक्षक पंचायत की संख्या अधिक है यदि प्रकरणों में जिला रायगढ़, जशपुर एवं जांजगीर-चांपा से स्थानांतरण हेतु अनापत्ति पत्र प्राप्त होता है तो जिले में अतिशेष सहायक शिक्षक पंचायत की संख्या में कमी आ सकेगी।
मिथिलेश पैकरा
एपीओ, शिक्षा शाखा
जिला पंचायत
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