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प्रतियोगी परीक्षाओं लिए 9वीं से 12वीं तक हर हफ्ते पढ़ाया जाएगा नया कोर्स

रायपुर।नवमी से बारहवीं के पाठ्यक्रम में कॅरियर काउंसिलिंग को भी शामिल किया जाएगा। हफ्ते में एक दिन स्कूलों में इस कोर्स की स्पेशल क्लास लगाई जाएगी। यहां शिक्षक बच्चों को बताएंगे इंजीनियरिंग, मेडिकल के अलावा अन्य किन क्षेत्रों में कॅरियर की संभावनाएं हैं। कॅरियर काउंसिलिंग का पाठ पढ़ाने के लिए जिला शिक्षा विभाग शिक्षकों को एक्सपर्ट बनाएगा। दूसरे कॅरियर काउंसलरों की मदद भी ली जाएगी। यह योजना कलेक्टर ओपी चौधरी के निर्देश पर शुरू की जा रही है।
शिक्षक भी इस ओर ध्यान नहीं देते
कांसेप्ट ये है कि सरकारी स्कूलों के बच्चे कॅरियर चयन को लेकर उलझन में रहते हैं। शिक्षक भी इस ओर ध्यान नहीं देते। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के बच्चे इस समस्या से परेशान है। रेलवे, एसएससी, बैंक, नेट समेत में अन्य में भी कॅरियर बनाया जा सकता है। कलेक्टर ने बताया कि इसी मुद्दे पर करीब 80 विभिन्न परीक्षाओं को ध्यान में रखकर एक सिलेबस तैयार किया गया है। इसमें हर परीक्षा की पूरी डिटेल में जानकारी दी गई इसे आधार पर हफ्ते में एक दिन नवमी से बारहवीं के बच्चों की क्लासेस लगाई जाए। आगामी दो बरसों के रोडमैप को लेकर जिला शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को एक निजी स्कूल में सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई थी।

इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। ताकि बच्चों को कॅरियर को लेकर कोई उलझन न हो। यही नहीं इन्हें पढ़ाने वाले शिक्षक भी इस मामले में एक्सपर्ट बने, इसके लिए उनकी भी ट्रेनिंग कराने कराई जाए।
रोडमैप की मदद से करेंगे काम
डीईओ एएन बंजारा ने बताया कि स्कूलों में क्या-क्या काम करने हैं, इसे लेकर रोडमैप बनाया गया है। बोर्ड परीक्षा में यहां का परिणाम कैसे बेहतर हो, क्लास में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति कैसे बढ़े, स्मार्ट स्कूल समेत अन्य के बारे में बताया गया। इसके आधार पर प्राचार्य काम करेंगे। उम्मीद है कि इसके नतीजे आने वाले दिनों में अच्छे दिखेंगे। जिला शिक्षा विभाग की इस बैठक में करीब डेढ़ सौ प्राचार्य व बीईओ शामिल हुए।
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