; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

वाट्सएप के लिए शिक्षक मोबाइल खरीदने मजबूर

बेमेतरा . मध्यान्ह भोजन लाभार्थी विद्यार्थियों का प्रतिदिन रिकार्ड की जानकारी आनलाइन देने के आदेश के बाद वेतन के लिए संघर्ष कर रहे शिक्षाकर्मियों के सामने स्मार्टफोन लेने की मजबूरी सामने आ गई। शिक्षा विभाग के नए आदेश अनुसार जिले के प्राथमिक व मिडिल स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का नियमित रिकार्ड आनलाइन दिया जाता है।

ज्यादा दिन अतिशेष की मलाई नहीं खा सकेंगे शिक्षक, हटाने की रणनीति कल

एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर लेनदेन व ऊंची पहुंच के बल पर शहर के आसपास के स्कूलों में अतिशेष की मलाई खा रहे शिक्षकों को हटाने के लिए 19 जुलाई को कलेक्टरेट के मंथन सभाकक्ष में रणनीति बनेगी। इसके लिए डीईओ ने ब्लॉक सीईओ, नगर पंचायत सीएमओ व ब्लॉक शिक्षाधिकारियों को एजेंडा जारी कर दिया है। इन्हें बैठक में पूरी जानकारी के साथ आने कहा गया है।

अतिशेष व्याख्याता पंचायत, खाली स्कूलों में भेजने पर चर्चा आज

बिलासपुर| जिले में 175 व्याख्याता पंचायत अतिशेष की मलाई खा रहे हैं। इन्हें रिक्त पद वाले स्कूलों में भेजने के लिए मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष मंथन में अफसर चर्चा करेंगे। जिला पंचायत ने हाल ही पति-प|ी के आधार पर थोक में दूसरे जिले के 95 शिक्षाकर्मियों को यहां बुलाया है।

110 पदोन्नत शिक्षक पंचायत को काउंसिलिंग के साथ ही दिया पोस्टिंग आॅर्डर

जिला पंचायत प्रशासन ने 110 पदोन्नत शिक्षक पंचायत को काउंसिलिंग के साथ ही तत्काल पदस्थापना आदेश भी थमा दिया। उन्हें एक सप्ताह के भीतर संबंधित स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षाकर्मियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में लेनदेन का आरोप झेलने के बाद जिला पंचायत ने इस बार पोस्टिंग में पारदर्शिता बरती है।

दो साल से टीचर हैं लापता, बच्चे पांचवीं की जगह आज भी तीसरी में पढ़ रहे

रायपुर/नकुलनार.आदिवासी बच्चे विकास की दौड़ में पहले ही पीछे चल रहे हैं और शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही ने उन्हें दो साल और पीछे धकेल दिया है। मामला ब्लॉक कटेकल्याण के लखापाल के पांडेमपारा की प्राथमिक शाला से जुड़े बच्चों का है। भास्कर में लगातार प्रकाशित खबरों के बाद अब भी विभागीय अफसर इस स्कूल के लिए तैनात शिक्षक रामकुमार कहां है पता नहीं लगा सके हैं।

UPTET news