शिक्षा विभाग द्वारा जिले में शिक्षकों के पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों की संख्या में कटौती कर दिए जाने से जिपं में हंगामे जैसी स्थिति बन रही है। शिक्षक पंचायत के लिए पूर्व में जारी 320 पदों को कम कर दिए जाने के बाद अब 28 को सामान्य प्रशासन समिति से अनुमोदन होने में संदेह हो रहा है और सीईओ एवं जिपं सदस्यों की नाराजगी के बाद अब विभाग दोबारा से सूची बनाई जा रही है।