; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

अगर स्कूल में है शिक्षकों की कमी तो आप भी जिला पंचायत या कलेक्टोरेट में कर सकते हैं आवेदन

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा यदि आपके आसपास कोई ऐसा सरकारी स्कूल संचालित हो रहा है जहां शिक्षक नहीं है, या फिर निर्धारित संख्या से कम शिक्षक है, तो उस स्कूल में शिक्षक की व्यवस्था कराने के लिए आप भी मददगार साबित हो सकते हैं।
इसके लिए आपको बस एक लिखित आवेदन जिला पंचायत या कलेक्टोरेट में करना होगा। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था कराएंगे।

नए शिक्षा में इस बार स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं होगी। 2017-18 के लिए शासन ने इस बार नई व्यवस्था बनाई है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति प्रायमरी व मिडिल स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना कराने के लिए आवेदन दे सकेंगे। पिछले दिनों कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी की बात सामने आई थी। इसलिए शासन स्तर से यह निर्णय लिया गया है कि जहां पर शिक्षकों की कमी है वहां पर शिक्षकों की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत जिले के प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में कहीं पर न्यूनतम से कम शिक्षक हैं तो कोई भी व्यक्ति शिक्षकों की मांग से संबंधित आवेदन दे सकते हैं। शासन द्वारा प्राथमिक विद्यालय में प्रधान पाठक सहित 2 व माध्यमिक विद्यालय में प्रधान पाठक सहित 3 शिक्षकों की व्यवस्था नियमानुसार निर्धारित की गई है। इसके बाद भी अगर कोई ऐसी स्कूल जहां पर न्यूनतम शिक्षकों से कम संख्या हैं तो संबंधित क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति लिखित आवेदन देकर शिक्षक की मांग कर सकता है।

शासन का निर्णय : सीईओ

सीईओ जिला पंचायत अजीत वसंत ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 अभी प्रारंभ हुआ है, इसको देखते हुए शासन ने निर्णय लिया है कि जिले में जिन शालाओं में स्वीकृत पद तथा आवश्यकता से अधिक शिक्षक पंचायत एवं सहायक शिक्षक पंचायत पदस्थ हैं, उन्हें उन शालाओं में जो शिक्षक विहीन या जहां पर शिक्षक कम है, वहां पर पदस्थ किया जाए, ताकि किसी भी तरह से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो। 

UPTET news