; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

शिक्षकों की हड़ताल बनी राजनैतिक मंच, जोगी ने चली ये चाल

रायपुर। शिक्षाकर्मियों की मांगों के आगे रमन सरकार झुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में पूर्व सीएम और जनता कांग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी ने इस मामले में हस्तक्षेप कर एक नई सियासी चास चली है।
उन्होंने अपनी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को हड़ताल कर रहे शिक्षाकर्मियों का समर्थन करने के लिए तैनात कर दिया है।

जोगी ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि प्रदेश से लेकर ब्लॉक एवं बूथ स्तर तक के सभी पदाधिकारी, शिक्षाकर्मियों द्वारा उनके उचित अधिकार की लड़ाई में उनके पक्ष में खड़े होकर रमन सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन में खुले रूप से शामिल हों। अजीत जोगी की इस राजनीतिक चाल का उन्हें कितना फायदा मिलेगा यह तो समय ही बताएगा।

'अधिकारियों से करें मुलाकात'
अजीत जोगी ने अपने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि वह आंदोलन को मात्र समर्थन ही नहीं उनके प्रत्येक कार्यक्रमों में सहभागिता भी निभाएं और आंदोलन के समर्थन में अपने क्षेत्र के उच्च अधिकारी कलेक्टर,  ब्लॉक में एसडीएम को समर्थन में ज्ञापन भी सौंपे।

'जनता कांग्रेस शिक्षकों के साथ'
अजीत जोगी  ने कहा कि शिक्षक कभी कर्मी नहीं होता वह शिक्षा का अलख जगाने वाला शिक्षक होता है। अतः शिक्षाकर्मी की जगह शासकीय अभिलेखों में शिक्षक दर्ज होना चाहिए। अगले वर्ष जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सरकार बनते ही उनकी प्रमुख मांग उनके समविलियन, समान काम समान वेतन सहित उन्हें भी अन्य शासकीय शिक्षकों के समान मेडिकल सहित अन्य तमाम सुविधाएं दी जायेगी।

UPTET news