छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों के सारे ट्रेनिंग प्रोग्राम रद्द करने के बाद
अब विभाग ने शिक्षकों को दूसरे कार्यों में संलग्न करने पर भी रोक लगा दी
है. राजीव गांधी शिक्षा मिशन ने प्रशिक्षण और गैर-शिक्षकीय कार्यों के लिए
शिक्षकों को स्कूल से कार्यमुक्त नहीं करने के कड़े निर्देश दिये हैं.
पिछले दिनों स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर शिक्षाकर्मियों की बाहरी
ड्यूटी पर प्रतिबंध लगा दिया था.
शाला कोष परियोजना और बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित प्रशिक्षण के अलावा
उन्हें किसी भी तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम में जाने और गैर शिक्षकीय
कार्यों में शामिल करने पर भी रोक लगा दी है. दरअसल परीक्षाएं सिर पर हैं
और बार-बार हिदायत देने के बावजूद शिक्षाकर्मियों को बाहरी कार्यक्रमों में
भेजा जा रहा था. इस पर विभाग ने तीखा एतराज जताया है.
निर्देश में ये स्पष्ट है कि शिक्षकों की उपस्थिति वाले किसी भी प्रशिक्षण
कार्यक्रम का आयोजन बिना राज्य सरकार की अनुमति के नहीं किया जाएं. स्कूलों
में पढ़ाई ठीक ढंग से हो और कैलेण्डर के मुताबिक बच्चों का सिलेबस पूरा हो
सके, इसी के मद्देनजर ये आदेश जारी किया गया है. सभी जिला शिक्षा
अधिकारियों समेत माध्यमिक शिक्षा मंडल, डीपीआई, एसईआरटी, सर्व शिक्षा
अभियान और राज्य माध्यमिक शिक्षा अभियान को इसका कड़ाई से पालन करने के
निर्देश जारी किये हैं.