जगदलपुर . मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह
ने शनिवार को राज्य का बजट पेश किया इसमें शिक्षकों की भर्ती को लेकर कोई
घोषणा नहीं की गई। बस्तर के अंधिकांश स्कूलों में विभिन्न विषयों के शिक्षक
नहीं होने की वजह से बिना शिक्षक विद्यार्थी भविष्य गढ़ रहे हैं। बस्तर
में दो हजार शिक्षकों के पद खाली हैं, जिसे शासन आउट सोर्सिंग
या अन्य
माध्यम से भर रही है। बस्तर के पढ़े, लिखे युवा बेरोजगार हैं, जिन्हें रोजगार
? के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। बस्तर जिले के 1697 स्कूलों में लगभग
2117 पद खाली पड़े हैं। जिन्हें आउट सोर्सिंग के माध्यम से समय समय पर भरा
जा रहा है। बजट में शालाओं के उन्नयन की बात तो कही गई है, लेकिन बिना
शिक्षकों के शाला का उन्नयन कैसे होगा यह सरकार ही जाने।
बजट में शिक्षा का व्यय 14 फीसदी दर्शाया
बजट में
राज्य स्तर पर 129 पूर्व माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन, 130 हाई
स्कूल को हायर सेकेंडरी में उन्नयन करने की योजना है। बजट में शिक्षा पर
व्यय 14 फीसदी दर्शाया गया है, पर स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने न
ही कोई पद निकाले जा रहे हैं और न ही भरे जा रहे हैं। पिछले दिनों शिक्षा
विभाग की ओर से बीईओ स्कूल में निरीक्षण के लिए निकले तो कई स्कूलों में
शिक्षकों की अनुपस्थिती रही, जिसमें बच्चे स्कूलों में खेलते नजर आए।
शिक्षकों का वेतन भी रोका गया। शासन ने एक तरफ बीएड पाठ्यक्रम दो वर्ष कर
दिया है, हजारों छात्र प्रति वर्ष बीएड कर निकल रहे हैं, लेकिन बेरोजगार
बैठे हैं। बेरोजगारों को लंबे समय से भर्ती का इंतजार है।
प्राथमिक शालाओं का बुरा हाल
प्राथमिक शालाओं का
बुरा हाल है। अधिकांश स्कूलों में एक या दो शिक्षक ही पढ़ाने आते हैं। 1507
प्राथमिक शालाओं में 2621 शिक्षक कार्यरत है। 965 पद रिक्त हैं। 97 हायर
सेकेंडरी स्कूलों में 423 पद रिक्त हैं। 67 हाई स्कूल में 145 पद रिक्त
हैं। बीएड, डीएड कर बेरोजगारों की भी अच्छी खासी तादाद है बावजूद
आउटसोर्सिंग का सहारा लिया जा रहा है।
निजी स्कूलों पर होती है कार्रवाई
एक तरफ सरकारी
स्कूल में शिक्षकों की कमी हैं वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों में इस तरह की
स्थिति होने पर मान्यता रद्द करने के नोटिस शिक्षा विभाग की ओर से दिए जाते
हैं। निजी स्कूल में योग्य शिक्षकों को लेकर कई बार नोटिस दिया जा चुका
है।
स्कूलों का आंकड़ा...
स्कूल, संख्या, कार्यरत शिक्षक, रिक्त पद
प्राथमिक 1507 2621 965
पूर्व माध्यमिक 636 1959 575
हाई स्कूल 67 253 145
हायर सेकेंडरी स्कूल 97 1033 423
झलकियां...
राज्य का शिक्षा बजट 14.4 फीसदी खर्च का हिस्सा रहा।
129 पूर्व माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में उन्नयन।
130 हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी में उन्नयन।
40 प्राथमिक शाला, 25 माध्यमिक शाल, 100 हाई स्कूल, 50 हायर सेकेंडरी स्कूल के भवन निर्माण के लिए 34 करोड़।
शिक्षाकर्मियों के वेतन के लिए 3500 करोड़ का प्रावधान।
8 से 12 वीं तक के बच्चों के लिए ई-शिक्षा की व्यवस्था।
शिक्षाकर्मियों के लिए कुछ नहीं कहा
जिला संचालक
शिक्षक पंचायत संघर्ष समिति के शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि पूरे राज्य में
30 हजार पद रिक्त है, लेकिन बजट में इस संबंध कुछ भी नहीं कहा गया। बस्तर
में भी अधिकांश स्कूलों में शिक्षक नहीं है। इस ओर कदम उठाना था।
शिक्षाकर्मियों के लिए कुछ नहीं कहा।
शासन स्तर पर भर्ती होगी
जिला शिक्षा अधिकारी
राजेंद्र झा ने बताया कि शिक्षकों के पद खाली है, इस संबंध में शासन स्तर
पर ही भर्ती होगी, शासन को रिक्त पदों के लिए समय समय पर अवगत कराया गया
है।