जिले के अंतागढ़ में एकलव्य आदर्श विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। यहां
जिलेभर के 395 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इतने छात्रों के लिए सिर्फ 7
शिक्षक हैं। अन्य स्टाफ 8 यानी यहां कुल 15 लोग पदस्थ हैं जबकि यहां के लिए
45 पद स्वीकृत किए गए हैं।
यहां 30 पद रिक्त होने से शिक्षण तथा अन्य
कार्य प्रभावित होता है।
आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति की आयुक्त
पदेन सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने जिला कलेक्टर व सहायक आयुक्त को 22
जून 2017 पत्र लिखकर एकलव्य आदर्श विद्यालय में स्वीकृत सेटअप पदों के
अनुसार भर्ती कर पदस्थापना करने कहा था। आदेश जारी होने के 8 माह बाद भी
एकलव्य आदर्श विद्यालय में भर्ती नहीं हो पाई है।
एकलव्य विद्यालय में ना प्राचार्य हैं और ना ही उप प्राचार्य: वर्तमान
में भूगोल के व्याख्याता को प्राचार्य का प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है।
7 शिक्षकों में एक प्रभारी प्राचार्य है यानी 6 शिक्षक ही 395 बच्चों को
पढ़ाते हैं। प्राचार्य को वित्तीय अधिकार भी नहीं दिया गया है। महीने में
होने वाले खर्च व अन्य जरूरतों के लिए संस्था से बिल वाउचर लेकर सहायक
आयुक्त कार्यालय पहुंचना पड़ता है। सहायक आयुक्त द्वारा संस्था को राशि जारी
की जाती है। स्वीकृत पदों को भरने 16 एकलव्य विद्यालयों को एक साथ आदेश
जारी किया था लेकिन आज तक स्वीकृत पदों को नहीं भरा गया। पूरे कांकेर जिले
के हर क्षेत्र से छात्र छठवीं से 12वीं तक निवासकर पढ़ाई कर रहे हैं। शासन
द्वारा हर महीने लगभग 10 से 11 लाख रुपए इस आवासीय विद्यालय पर खर्च किया
जाता है। इसके बावजूद शिक्षकों की कमी के चलते पूरी शिक्षा छात्रों को नहीं
मिल पा रही है। मार्च में 10 वीं, 12वीं की परीक्षाएं प्रारंभ हो जाएगी और
शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का भविष्य भी संकट में है।
छात्रों ने सांसद से भी लगाई थी गुहार
एकलव्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित होने
की शिकायत छात्रों ने 27 जनवरी को विद्यालय में आयोजित विज्ञान मेला में
पहुंचे सांसद, विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष से की थी। छात्रों की मांग को
माहभर होने जा रहा है लेकिन अब तक इस ओर भी कोई पहल नहीं हो पाई है।
अंतागढ़। एकलव्य विद्यालय में 7 शिक्षक पढ़ा रहे 395 बच्चों को।
शासन से 8 माह पहले आदेश हो चुका है
सांसद विक्रम देव उसेंडी ने कहा शासन से एकलव्य विद्यालय के रिक्त
पदों की पूर्ति के लिए शासन द्वारा 8 माह पहले ही आदेश हुआ है। इसके बाद
भी अब तक क्यों वैकेंसी नहीं निकाली गई, इससे आजा कल्याण आयुक्त से बात कर
तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर को दी गई है जानकारी
कांकेर सहायक आयुक्त केपी धु्रव ने कहा विद्यालय में रिक्त पदों
की भर्ती को लेकर दो दिन पहले कलेक्टर को जानकारी दी गई है। कलेक्टर द्वारा
जल्द वैकेंसी निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की बात कही गई है।