वन रक्षक के पद पर सीधी भर्ती का झांसा देकर महासमुंद के एक सरकारी शिक्षक
ने तीन बेरोजगारों से 4 लाख 45 हजार की ठगी की। पैसे लेने के बाद सात साल
से आरोपी शिक्षक उन्हें आज-कल कहकर चक्कर लगवा रहा था। किसी की नौकरी हीं
लगाई और न ही पैसे लौटाए।
युवकों ने कर्ज लेकर पैसे दिए थे। पीड़ितों ने
मंदिर हसौद थाने में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और
मंगलवार को महासमुंद में छापा मारकर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी के घर वालों
का कहना है कि उन्होंने पूरे पैसे लौटा दिए हैं। वहीं पीडितों का कहना है
कि उन्हें पैसे नहीं मिले हैं।
सीएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि महासमुंद तुमगांव का प्रकाश गिरी
गोस्वामी सरकारी स्कूल में शिक्षक है। 2011 में वन विभाग में रक्षक के पद
की भर्ती चल रही थी। इसमें मंदिर हसौद के प्यारेलाल साहू ने भी आवेदन किया
था। किसी ने प्यारेलाल को बताया कि प्रकाश गिरी की वन विभाग में अच्छी पकड़
है। मंत्रियों से भी उसके अच्छे संबंध है। वह नौकरी लगा सकता है।
प्यारेलाल ने उससे संपर्क किया।
आरोपी ने कहा कि वह सीधे नौकरी लगा देगा। उसने ढाई लाख में सौदा तय
किया। प्यारेलाल ने कर्ज लेकर आरोपी को 1 लाख 80 हजार दे दिए। बाकी पैसे
नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई। इसी तरह धरसींवा के रुपेंद्र साहू
और हितेंद्र साहू ने भी आरोपी को पैसे दिए। आरोपी ने छह महीने के भीतर
नौकरी लगाने का झांसा किया। उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए कहा। युवक
परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन उनका नाम चयन सूची में नहीं आया। उन्होंने
आरोपी से संपर्क किया। आरोपी ने फिर आश्वासन दिया है कि वह नौकरी लगा देगा।
वह पैसे भी नहीं लौटा रहा था। सात साल बाद युवकों ने पुलिस में शिकायत की।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पैसे वापसी के लिए कई दिनों से घूमा रहा था आरेापी