क्राइम रिपोर्टर | बिलासपुर
चेयरमैन व प्रोफेसरों के खिलाफ एफआईआर के विरोध में शनिवार को पूरा
डीएलएस काॅलेज सिविल लाइन थाने पहुंच गया। सभी यहां गिरफ्तारी देने आए थे
पर काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा तो वे आईजी आफिस चले गए।
यहां भी उनकी मुलाकात आईजी से नहीं हुई। नैक टीम को बंधक बनाने और
सरकारी
काम में बाधा डालने जैसे आरोपों में सिविल लाइन व सरकंडा थाने में डीएलएस
कालेज के चेयरमैन सहित कुल 6 के खिलाफ अलग-अलग जुर्म दर्ज किए गए हंै।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी की कुलसचिव डाॅ. इंदू अनंत की शिकायत पर यह कार्रवाई
दोनों थानों की पुलिस ने की है। शनिवार को डीएलएस काॅलेज के प्रिंसिपल
प्रोफेसर अशोक जोशी, वरिष्ठ प्रोफेसर रीमा दत्ता सहित 70-80 लोग दोपहर को
सिविल लाइन थाना पहुंचे। उनका कहना था कि पुलिस ने इस मामले में कालेज
प्रबंधन व प्रोफेसरों के खिलाफ गलत कार्रवाई की है। जिस मामले में पुलिस
तीन तीन बार खात्मा पेश कर चुकी है उसमें फिर से एफआईआर दर्ज किया जाना समझ
से परे हैं। पुलिस राजनीति दबाव व दुर्भावना से प्रेरित होकर यह कार्य कर
रही है।