धमतरी. खराब टैबलेट और साफ्टवेयर में
दिक्कत के चलते शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस की योजना पर ग्रहण लग गया है।
जिले में शिक्षकों की कुल संख्या 6 हजार 502 है, इसमें से 5 हजार 613 तो
कॉसमॉस योजना के तहत थम्ब लगाकर उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जबकि 887 अभी
भी इस योजना से दूर हैं।
शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की मनमर्जी
चलती थी। उन पर नियंत्रण नहीं होने के कारण वे अपने हिसाब से स्कूल
आते-जाते थे। इस गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए राज्य शासन द्वारा कॉसमॉस की
योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत सभी स्कूलों में टैबलेट दिया गया है,
जिसमें थम्ब मशीन इनबिल्ट है। अब मैनुअली अटेंडेंस की जगह शिक्षकों को इसी
टैबलेट में थम्ब इंप्रेशन के जरिए ऑन लाइन अटेंडेंस देना था। इस योजना को
शुरू हुए दो माह हो चुके हैं, लेकिन तकनीकी समस्या से अब तक 889 शिक्षक
अटेंडेंस नहीं दे पा रहे हैं।
छात्रों की जानकारी भी अपडेट नहीं
इस योजना का उद्देश्य स्कूलों को पूरी
तरह से ऑनलाइन करना है। लेटर, सकुर्लर से लेकर सभी गतिविधियां इसी टैबलेट
के माध्यम से प्रेषित की जानी है, लेकिन विडंबना यह है कि अब तक स्कूलों
में इसे सिर्फ अटेंडेंस लगाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यही नहीं
टैबलेट के माध्यम छात्रों की पूरी जानकारी भी सर्वर में अपलोड किया जाना
था, लेकिन यह काम भी
पूरा नहीं हुआ है। स्थिति देखें जिले में छात्रों की कुल संख्या 24 हजार
451 है। इसमें से 4 हजार 106 छात्रों की जानकारी सर्वर में नहीं डाली गई
है।
इसलिए समस्या
जिले
में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी मिलाकर कुल 1481 स्कूल हैं।
योजना के तहत कार्यक्रम का आयोजन कर सभी स्कूलों को टैबलेट प्रदान किया
गया था। इसमें से 57 टैबलेट खराबी और साफ्टवेयर समस्या के चलते उपयोग नहीं
हो पा रहे हैं। खराब टैबलेट के कारण योजना सफल नहीं हो पा रही है।
शिक्षा मिशन के एपीसी यदुनंदन वर्मा ने
बताया कि तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए चिप्स के तकनीशियनों से टाइअप
किया गया है। शीघ्र ही इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा।