कोरबा .
शिक्षा का अधिकार अधिनियम(आरटीई एक्ट) के तहत निजी स्कूल बीपीएल श्रेणी के
बच्चों को प्रवेश देने के लिए कितनी रूचि ले रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात
से लगाया जा सकता है कि अब तक महज 50 से 60 स्कूलों ने ही एडुपोर्टल पर
अपनी जानकारियों को अपडेट किया है। तो दूसरी तरफ विभाग की तैयारी भी आधी
अधूरी है। जबकि 15 अप्रैल से प्रवेश की प्रक्रिया को शुरू किया जाना है।
आरटीई एक्ट से निजी स्कूलों की प्राथमिक कक्षा के 25 प्रतिशत सीटों पर
निचले तबके के छात्रों को प्रवेश देने की प्रक्रिया को इस वर्ष ऑनलाईन कर
दिया गया है। अब आरटीई से प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग के एडुपोर्टल की
वेबसाईट पर पालकों को स्वयं आवेदन करना होगा। तैयारी पूरी नहीं हो पाने के
कारण फिलहाल पालक विभाग से लेकर नोडल अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
343 निजी स्कूल जिले में, ज्यादातर कोरबा व कटघोरा के
जिले में कुल 343 निजी स्कूल हैं। जहां आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाना है।
इनमें से कई ऐसे भी स्कूल हैं। जो दो कमरों में संचालित हैं तो कई बड़े
बैनर के रिहायशी स्कूल हैं। इन सभी को एडुपोर्टल में अपनी जानकारी अपलोड
करनी होगी। ताकि पालक जहां चाहें दाखिले के आवेदन भर सकें। विडंबना यह कि
प्रवेश के लिए कुछ दिन शेष होने के बावजूद भी महज 50 से 60 स्कूलों ने
पोर्टल में अपनी जानकारी अपलोड की है।
51 नोडल अधिकारी
343 निजी स्कूलों के लिए जिले में शिक्षा विभाग द्वारा कुल 51 नोडल
अधिकारी बनाए गए हैं। यह सभी शाउमावि के प्राचार्य हैं। इन्हें जिम्मेदारी
दी गई है कि वह अपने-अपने कार्यक्षेत्र की निजी स्कूलों की जानकारी एकत्र
करें। अब तक कई नोडल अधिकारियों ने भी आवश्यक जानकारी एकत्र नहीं की है।
विभाग की प्राथमिकता
आरटीई
से प्रवेश विभाग की प्राथमिकता है। इसकी तैयारी चल रही है, निजी स्कूलों
की बैठक बुलाकर जल्द ही एक-दो दिन में ही सारी जानकारी एडुपोर्टल पर अपलोड
कर दी जाएगी। जिसके बाद शासन स्तर से निर्देश मिलते ही प्रवेश कि प्रक्रिया
को शुरू कर दिया जाएगा।
-डीके कौशिक, डीईओ