नगरीय निकाय क्षेत्र की शालाओं में नगर पंचायत द्वारा भर्ती किए गए
शिक्षाकर्मियों को 6 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इन शिक्षाकर्मियों को कब
वेतन मिलेगा इस की जानकारी भी किसी को नहीं है। शासन द्वारा इन
शिक्षाकर्मियों को वेतन देने की पुरानी व्यवस्था बंद कर दी गई है लेकिन नई
व्यवस्था नहीं बनाई गई। ऐसे में प्रदेश में इन शिक्षाकर्मी को वेतन नहीं
मिल पा रहा।
नगर पंचायत पखांजूर में 16 शिक्षाकर्मी पदस्थ हैं, जिन्हें 6 माह से
वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। शासन ने दिसंबर में नगरीय प्रशासन
द्वारा पदस्थ शिक्षाकर्मी के वेतन भुगतान की पुरानी व्यवस्था को बंद कर
दिया गया। इस समय ही पखांजूर नगरीय क्षेत्र के शिक्षकों का अक्टूबर माह से
वेतन का भुगतान शेष था, जिस कारण उनका वेतन लटक गया।
पुरानी व्यवस्था के बंद हुए तीन माह का समय हो चुका है लेकिन नई
व्यवस्था नहीं होने के कारण शिक्षाकर्मी को वेतन नहीं मिल पा रहा। पुरानी
व्यवस्था के तहत जिला शिक्षाधिकारी द्वारा आवंटन नगर पंचायत को जारी कर
दिया जाता था। इस आधार पर नगर पंचायत शिक्षाकर्मी का वेतन जारी कर देता था।
इस व्यवस्था को शासन ने बंद कर दिया। लेकिन 3 माह से नई व्यवस्था चालू
नहीं हो पाई है। इस कारण शिक्षाकर्मी का वेतन प्रदेश के किसी भी नगरीय
क्षेत्र में नहीं मिल पा रहा है।
जल्द लागू करे नहीं व्यवस्था नहीं तो होगा आंदोलन
शिक्षाकर्मी मुकेश धु्रव, तनुजा ठाकुर, विरेंद्र ठाकुर, राजेंद्र
कलामे आदि ने बताया घर से दूर किराए के मकान में रह रहे हैं। वेतन के अभाव
में घर का किराया नहीं दे पा रहे। किराना दुकान वाले भी उधारी देना बंद कर
दिए हैं। छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष भोला
ठाकुर, संतोष जायसवाल, परिमल राय, परमानंद मंडावी ने कहा शासन इन
शिक्षाकर्मी के वेतन भुगतान की नई व्यवस्था जल्द से जल्द लागू करें। अन्यथा
संघ इनके समर्थन में आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
आवंटन होते ही भुगतान किया जाएगा: नगर पंचायत के सीएमओ वीजे करूणाकर
देव ने बताया पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इन शिक्षकों के लिए
आवंटन प्राप्त होता था। अब यह आवंटन नगरीय प्रशासन विभाग से प्राप्त होगा।
आवंटन की मांग की गई है आवंटन आते ही इन शिक्षकों का वेतन भुगतान कर दिया
जाएगा।