अपनी विभिन्न समस्याओं से जिला शिक्षाधिकारी को अवगत करवाने के लिए
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ जिला इकाई महासमुंद ने प्रांतीय मंत्री उमेश भारती
गोस्वामी जिलाध्यक्ष टेकराम सेन एवं प्रमुख संगठन मंत्री राजेंद्र इंगोले
के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी से भेंट किया।
इसमें पूर्व माध्यमिक
शाला प्रधान पाठक पदोन्नति को लेकर चर्चा की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि पदोन्नति के लिए सूची डीपीआई भेज दी गई
है। डीपीआई स्तर पर अनुशंसा पश्चात आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कुछ
प्राथमिक प्रधान पाठकों का द्वितीय क्रमोन्नति समयमान विषयक रिकवरी आदेश
जारी हुआ है। जबकि उन्हें शासन के आदेश के तहत दी गई है। रिकवरी में रोक
विषयक चर्चा हुई।पुनः जांचकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। शिक्षकों
की सेवा पुस्तिका मूल एवं द्वितीय प्रति के समय पर संधारण सत्र 2017-18 के
लिए 5वीं एवं 8वीं अंक सूची में कतिपय त्रुटि, 5वीं, 8वीं, मूल्यांकन का
मानदेय सत्र-2015-16 में ग्रीष्मावकाश में मध्यान्ह भोजन संचालन के समय का
अर्जित अवकाश व्याख्याता पदोन्नति के लिए भेजी गई रिक्तियां के संबंध में
विस्तृत चर्चा की गई सभी बिन्दुओं पर चर्चा पश्चात अविलंब समस्याओं को दूर
करने का आश्वासन दिया गया।
पदोन्नति नहीं होने पर शिक्षकों में आक्रोश
प्रतिनिधिमंडल द्वारा मांग की गई कि व्याख्याता पदोन्नति के लिए
भेजी गई रिक्तियों में 50-50 प्रतिशत का पालन नहीं किया गया है। संगठन
नियमित शिक्षकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा। जिलाध्यक्ष टेकराम सेन
ने बताया कि पूर्व माध्यमिक प्रधान पाठकों के लिए शिक्षकों का पदोन्नति
नहीं होना जिला की सबसे बड़ी समस्या है। लगभग 350 प्रधान पाठको का पद जिला
में रिक्त है। पदोन्नति नहीं होने से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
तत्कालीन जिला शिक्षा शिक्षा अधिकारी की उदासीनता के चलते आज पर्यंत
पदोन्नति नहीं हो पाई। परीक्षा संबंधी मामले को लेकर संगठन कोर्ट का भी
दरवाजा खटखटा सकता है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सचिव तिलक चंद्राकर,
रामकुमार साहू, मधु शर्मा, चंद्रहास पात्र, भगोलीराम साहू, अविनाश लाल, आशा
साहू, कुबेर साहू, अविनाश लाल, लक्ष्मीकांत सिन्हा, भगवान प्रसाद साहू,
कान्हू चरण प्रधान, अमृतलाल साहू उपस्थित थे। उक्त जानकारी जिला सचिव तिलक
चंद्राकर एवं प्रचार मंत्री भगोलीराम साहू ने दी है।