कोरबा . शिक्षक
मोर्चा के पदाधिकारी रोज अपनी रणनीति बदल रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप
सामान्य शिक्षक दिग्भ्रमित हो रहे हैं। सभी असमंजस में हैं कि संघ के साथ
मिलकर आंदोलन करें भी तो कैसे? जिनकी रणनीति ही अस्पष्ट है। मोर्चा के
पदाधिकारियों ने पहले कहा कि मूल्यांकन कार्य का पूरी तरह से बहिष्कार
करेंगे। लेकिन तारीख करीब आते ही अब वह बांह में काली पट्टी बांधकर कार्य
करने की बात कह रहे हैं।
जिले में बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका की जांच के लिए हायर सेकेंडरी
स्कूल कोरबा एवं हायर सेकेंडरी स्कूल साडा कोरबा मूल्यांकन केंद्र बनाया
गया है। कोरबा जिला के शासउमा विद्यालय कोरबा में 10वीं की 85772 कॉपी व
12वीं की 48866 कापी भेजी गई है। इसी तरह शासउमा विद्यालय साडा मे 10 वीं
की 80924 कॉपी तो 12वीं की 27768 सहित कुल दो लाख 43 हजार 303 उत्तर
पुस्तिका जांच के लिए दी गई है। इसके मूल्यांकन के लिए माशिमं ने जिले के
दोनो केन्द्रों में कुल एक हजार 400 मूल्यांकनकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई
है। हालांकि मूल्यांकन में 700 से 800 मूल्यांकनकर्ता ही सतत रुप से शामिल
होंगे।
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पहले चरण की कॉपी जांचनी है 17 तक
पहले
चरण में जिले को मिले कॅापियों को 17 अप्रैल तक जांच करके वापस देन का
लक्ष्य है। मूल्यांकन कार्य का एक तथ्य यह भी है कि ड्यूटी लगाए गए
मूल्यांकनकर्ताओं में 65 फीसदी मूल्यांकनकर्ता व्याख्याता हैं। व्याख्याता
पंचायत एवं नगरीय निकाय मिलाकर कुल 1401 व्याख्याता हैं। जिनकी ड्यूटी
मूल्यांकन कार्य के आदेश जारी किया गया है।
संघों में ही दो फाड़
जिले
में तीन से चार शिक्षक संघों का प्रभुत्व है। जिसमें मोर्चा में दो संघ
शामिल हैं। दोनो संघ के पदाधिकारी पहले दिन मूल्यांकन केन्द्रों में पहुंचे
और ज्वाईनिंग देने के बाद मूल्यांकन नहीं किया, लेकिन सामान्य शिक्षकों ने
बाकायदा मूल्यांकन कार्य में भाग लिया है। दूसरा गुट पूरी तरह से छात्रहित
को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने के पक्ष में है।
संघ मांग रहा था कक्षा में जाने की अनुमति
मूल्यांकन
के पहले संघ के पदाधिकारी केन्द्र पहुंचे और कक्षाओं में जाकर अपनी बात
रखने की मांग केन्द्र प्रभारी कर रहे थे। लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली और
प्रभारी द्वारा कहा किया कि स्कूल के बाहर आप मूल्यांकनकर्ताओं से संपर्क
करें। केन्द्र पहुंचने वाले शिक्षक नेताओं में ओपी बघेल, कन्हैया
लाल देवांगन, नरेंद्र चंद्रा, बुद्धेश्वर प्रसाद सोनवानी, गौरव शर्मा,
नित्यानंद निराला, महावीर प्रसाद चंद्रा, लखनलाल धिवर, एलआर कर्ष, संतोष
,एमएके जसवाल, मनोज चौबे आदि शामिल थे।