राज्य में शिक्षाकर्मी से नियमित शिक्षक बनने वालों का एम्पलाई आईडी, अंतिम
वेतन का प्रमाण पत्र, पैन और ई-पेरोल बनेगा, ताकि उन्हें वक्त पर तनख्वाह
मिल सके। ऐसे करीब एक लाख चार हजार शिक्षाकर्मियों के लिए कैंप लगाकर ये
काम तीन फेस में किए जाएंगे।
इन्हें जुलाई से वेतन शिक्षा विभाग देगा। इसके
लिए हर जिले में संकुलवार कैंप लगाने का निर्णय लिया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव गौरव द्विवेदी ने कलेक्टरों, सीईओ, नगर
निगमों के कमिश्नरों, डीईओ और निकायों के सीएमओ को टाइम टेबल भेजा है। उनसे
कहा है कि वे 11 जुलाई तक अंतिम वेतन प्रमाण पत्र 30 जून की स्थिति में 10
जुलाई तक पूरा कर लें। नए शिक्षकों से एम्पलाई डाटा फार्म और पेरोल डाटा
फार्म भरवाएं जाएं। जिन शिक्षकों के पास पैन नंबर नहीं है उन्हें फार्म
सीएसआरएफ भरना होगा। 11 जुलाई तक आहरण संवितरण अधिकारी की सूची भी बनानी
होगी। कैंप हर ब्लाक में हायर सेकेंडरी स्कूलों में 14 व 15 जुलाई को लगाए
जाएंगे। कैंप के बाद संचालक कोष एवं लेखा पैन नंबरों का 23 जुलाई तक इंटर
सेक्टर ट्रांसफर करके स्कूल शिक्षा विभाग को भेजेंगे। 23 जुलाई को नए
सीएसआरएफ आवेदनों के आधार पर एनएसडीएल से समन्वय करके पैन नंबर प्राप्त किए
जाएंगे। 24 जुलाई के बाद आहरण संवितरण अधिकारियों द्वारा वेतन देयक तैयार
किए जाएंगे। जुलाई के आखिरी दो दिनों में अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह
नए शिक्षकों को भी तनख्वाह दे दी जाएगी। कलेक्टर-सीईओ कर्मचारियों की बैठक
भी लेंगे जिसमें उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी।
सरकारी स्कूलों में काम कर रहे शिक्षाकर्मियों के शिक्षा विभाग में
संविलयन के बाद फाइनल वरिष्ठता सूची बनाने का काम दस सितंबर तक पूरा करना
है। इसके लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। समय पर काम पूरा करने के लिए स्कूल
शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को एक नया आदेश जारी किया है। इसमें
शिक्षाकर्मियों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए सभी जिला पंचायत के
सीईओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे सभी पंचायत और नगरीय निकायों में
काम कर रहे शिक्षाकर्मियों की वरिष्ठता सूची बनाएंगे। सूची का प्रारंभिक
प्रकाशन कर 3 अगस्त तक दावा-आपत्तियां मंगाई जाएंगी। फिर 10 सिं तंबर को
वरिष्ठता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। सभी जिला पंचायत सीईओ को इस
बाबत सतत निगरानी रखने के निर्देश दिये गये हैं।
शिक्षाकर्मियों के डाटा बेस तैयार करने के लिए भी आज की बैठक में समय
सीमा तय की गयी है। साथ ही ये भी स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि
संविलियन के बाद अब प्रदेश में दो ही कैडर होंगे एक एलबी ई यानि वो जो
शिक्षा विभाग के अधीन होंगे और दूसरा एलबी टी यानि जो ट्राइबल विभाग के
अधीन होंगे। इसके अलावे नगरीय निकाय और पंचायत दोनों विभाग के मर्जर की
पूरी प्रक्रिया 10 सितंबर तक पूरा कर लेना का निर्देश जारी किया गया है।
समयसारिणी के मुताबिक काम के निर्देश
शिक्षाकर्मियों के संविलियन को लेकर आज शिक्षा सचिव गौरव द्विवेदी
ने सभी जिला पंचायत सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी को तय समय सारिणी के
मुताबिक काम करने का निर्देश जारी किया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में शिक्षा
विभाग की तरफ से जारी समय सारिणी के अनुरूप ही सारी प्रकिया को पूर्ण करने
को कहा गया है। ताकि संविलियन की प्रक्रिया में तेजी आ सके। जिला पंचायत
स्तर पर सीनियारिटी लिस्ट तैयार करने और नगरीय निकाय स्तर पर हर वर्ग की
वरीयता सूची को दस सितंबर के पहले तैयार करने को भी कहा गया है।शिक्षा सचिव
ने सभी अफसरों को सख्त हिदायत दी है कि तय समय सीमा के अनुरूप 10 सितंबर
तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। 14-15 जुलाई को हर जगह कैंप लगाया
जायेगा, जिसमें सिनियरिटी लिस्ट के साथ-साथ दावा आपत्ति भी मंगवायी जाएगी,
ताकि किसी भी तरह की आगे कोई शिकायत ना रहे।