बिलासपुर | हाईकोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता को 10 साल बाद नौकरी
मिलेगी। व्यापमं से शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर चयन होने के बाद
दस्तावेजों की जांच करते हुए उसे यह कहते हुए अयोग्य घोषित कर दिया गया था
कि उसकी उम्र अधिक हो चुकी है।
खैरागढ़ निवासी कमल नारायण रजक का चयन 14
जनवरी 2008 में व्यापमं द्वारा जारी किए गए विज्ञापन के तहत प्रक्रिया पूरी
करने के बाद ओबीसी कोटे से शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर हुआ था।
दस्तावेजों की जांच के बाद उसे यह कहते हुए अयोग्य घोषित कर दिया गया कि
उसकी उम्र अधिक हो चुकी है। उसने एडवोकेट रजनीश सिंह बघेल के जरिए हाईकोर्ट
में याचिका प्रस्तुत की थी। इसमें कहा था कि ओबीसी वर्ग से होने और ग्रीन
कार्ड होल्डर होने से उसे आयु सीमा में छूट मिलनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया
गया। जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच ने याचिका मंजूर करते हुए अन्य योग्यताएं
पूरी करने पर याचिकाकर्ता को 90 दिनों के भीतर नियुक्त पत्र जारी करने के
निर्देश दिए हैं।