रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने भले ही चुनावी वर्ष को
ध्यान में रखते हुए युवाओं को साधने का एक नया प्रयास किया है, जबकि हकीकत
इससे कहीं परे है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के 35 शासकीय कॉलेजों
में वर्तमान सत्र से ही 14 नए पाठ्यक्रमों में 1935 सीटों के साथ शैक्षणिक
और गैर-शैक्षणिक स्टॉफ के 121 पदों की स्वीकृति दे दी है।
पूर्व सेटअप के अनुरूप ही हजारों रिक्तियां पड़ी हुई हैं, जिन्हें भरने
के लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। आंकड़े
बताते हैं कि प्रदेश के लगभग 216 शासकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य से
लेकर गैर शैक्षणिक स्टाफ तक का अभाव है। 4436 स्वीकृत शैक्षणिक पदों पर
2403 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में कई महाविद्यालय प्रभारी प्राचार्यों
के भरोसे चल रहे हैं, तो कइयों के पास एक से अधिक कॉलेजों के प्रभार हैं।
आखिरी बार 2014 में सहायक प्राध्यापकों के लिए भर्ती की गई थी, जिसमें
योग्य उम्मीदवारों के अभाव में सीटें खाली रह गईं।
पुरानी घोषणाओं का नहीं मिल रहा लाभ
शासन
ने चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए कुछ दिनों पूर्व 30 नए कॉलेजों में
शैक्षणिक सत्र इसी वर्ष से शुरू करने की घोषणा कर दी है। साथ ही बुधवार को
विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों के कॉलेजों में नए
पाठ्यक्रमों की शुरूआत करने की घोषणा कर दी है, प्रदेश में 5 आवासीय मॉडल
कॉलेज 2015 से शुरू किए गए थे, जिनके पास अपनी बिल्डिंग तक नहीं हैं।
गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का भी अभाव
आंकड़े
बताते हैं, कि हॉस्टल अधीक्षक, सहायक ग्रेड-1,2,3 सहित म्यूजियम कीपर तक
कर्मियों की संख्या कॉफी कम हैं। सभी पदों को मिलाकर इस वर्ग के लिए 1624
पद स्वीकृत हैं, जिसमें 1109 पदों पर ही कर्मी कार्यरत हैं।
उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त बसव एस. राजू ने कहा कि विभाग में रिक्त पदों
पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। आगामी एक माह के भीतर उचित
पदों के लिए उचित प्रबंध कर लिए जाएंगे।
यह है स्थिति
पद स्वीकृत पद कार्यरत
स्नातकोत्तर प्राचार्य 47 01
स्नातक प्राचार्य 169 104
प्राध्यापक 525 00
सहायक प्राध्यापक 3439 2171
क्रीड़ा अधिकारी 115 53
ग्रंथपाल 123 65
रजिस्ट्रार 18 09
वर्तमान स्वीकृत पद
सहायक प्राध्यापक 69
तकनीशियन 26
प्रयोगशाला परिचारक 26