कवर्धा . जिले के प्राथमिक शाला, मिडिल स्कूल व हाई
स्कूल इन दिनों कंगाल हो चुके हैं। शासन के नए नियम बनाने की तैयारी में
जिले के 1536 स्कूल उधारी में संचालन हो रहे हैं।
जी हां, जिले के सर्व
शिक्षा अभियान द्वारा संचालित स्कूलों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा
संचालन के लिए अनुदान राशि जारी की जाती है, लेकिन स्कूल संचालित हुए छह
माह बीत जाने के बाद भी इस वर्ष जिले के स्कूलों को अनुदान की राशि नहीं
मिली है। अनुदान की राशि से ही सालभर स्कूलों का संचालन होता है। जिले के
973 शासकीय प्राथमिक शाला व 490 मिडिल स्कूल को अनुदान की राशि नहीं मिली
है। स्कूलों में अतिरिक्त कोई अन्य फंड नहीं होने के कारण छोटे-मोटे खर्चों
को लेकर आर्थिंक संकट नजर आने लगी है।
5 से 8 हजार की राशि
राजीव
गांधी शिक्षा मिशन के तहत शासकीय प्राथमिक शाला व मिडिल स्कूल को अनुदान
पर 5 हजार से 8 हजार रुपए तक मिलती है। दर्ज संख्या के आधार पर अनुदान की
राशि तय किया जाता है। बीते वर्ष अनुदान की राशि दिया गया, लेकिन इस
शिक्षासत्र में अब तक अनुदान की राशि नहीं मिली है। जबकि हर वर्ष
जुलाई-अगस्त में राशि आंबटित कर दी जाती थी।
बिगड़ी स्कूलों की स्थिति
जिले
में कई शासकीय स्कूल की स्थिति अधिक खराब हो चुकी है। इन स्कूलों में
मरम्मत की भी जरुरत है, लेकन मरम्मत राशि भी नहीं मिल पाई है। इस राशि से
स्टेशनरी सहित अन्य खर्च करते थे। लेकिन अनुदान राशि नहीं मिलने से शिक्षक
अपने नाम से उधार लेकर स्कूल का संचालन कर रहे हैं। कुछ खर्च के लिए
छात्रों के फीस की राशि थी, लेकिन इस फीस की राशि से तिमाही परीक्षा लिया
गया। ऐसे में स्कूल पूरी तरह कंगाल हो चुके हैं।
अब मिलेगा 70 हजार रुपए
पुरानी
योजना बंद करने से ६ महीने में एक रुपए भी नहीं आया है। अच्छी शिक्षा व
सबको शिक्षा के तहत केंद्र सरकार समग्र शिक्षा योजना में अब सरकारी
प्राइमरी स्कूल को 25 हजार रुपए, मिडिल स्कूलों को 50 हजार रुपए व हाईस्कूल
70 हजार रुपए तक अनुदान दिया जाएगा। इसकी तैयारी शासन द्वारा की जा रही
है। संभवत: इसी कारण अब तक पुराने योजना की राशि आंबटित नहीं किया गया है।
2020 तक के लिए बनाई योजना
केंद्र
सरकार द्वारा सर्वे शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और
शिक्षक शिक्षण अभियान को समायोजित कर नई एकीकृत शिक्षा योजना १ मार्च से
लेकर मार्च 2020 तक के लिए बनाई है। केंद्र सरकार के अनुसार सबको शिक्षा,
अच्छी शिक्षा के नारे के साथ तैयार की गई है। समग्र शिक्षा योजना में
प्रत्येक बच्चे को स्कूल तक पहुंचाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ ही
उनके कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा।
वर्सन....
स्कूलों
में शासन द्वारा अनुदान की राशि आती है, लेकिन इस वर्ष अनुदान की राशि
नहीं आई है। इससे स्कूलों में कुछ तो प्रभाव पड़ा है। पूर्व योजना को बंद
कर नई योजना बनाई जा रही है। इसके कारण अनुदान की राशि आने में विलंब हो
रहा है। स्कूलों का संचालन ठीक से किया जा रहा है।
सीएस धु्रव, डीईओ, शिक्षा विभाग कबीरधाम