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हाई और हायर सेकंडरी परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में गड़बड़ी करने वाले जिले के 16 शिक्षक अब मूल्यांकन कार्य नहीं कर पाएंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इन शिक्षकों को तीन साल तक मूल्यांकन कार्य से बाहर रखने का निर्णय लिया है।


पिछले दिनों माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में ही माशिमं की ओर से गठित जांच कमेटी के इस निर्णय पर मुहर लगी। इसके बाद माशिम ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

हायर सेकंडरी के 10, हाई स्कूल के 6 शिक्षक

माशिमं की ओर से जारी ऐसे शिक्षकों की सूची में जिले के हायर सेकंडरी स्कूलाें के 10 और हाई स्कूल के 6 शिक्षकों का नाम शामिल हैं। जांच में गड़बड़ी करने वालों को तीन कैटेगरी में विभाजित किया गया है। जिले के अधिकांश शिक्षक पहले कैटेगरी में शामिल हैं, जिन्हें मूल्यांकन कार्य से तीन वर्ष तक वंचित किया गया है।

राज्यभर में 295 शिक्षकों पर कार्रवाई

माशिमं की ओर से हाई और हायर सेकंडरी परीक्षा 2016 की उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन के लिए राज्यभर में 29 केन्द्र बनाए गए थे। इसके लिए 17983 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें से 295 शिक्षकों ने जांच में गड़बड़ी की। इसमें 169 हाईस्कूल के शिक्षक शामिल हैं, जबकि 126 शिक्षक हायर सेकंडरी स्कूल के हैं। वहीं इस मामले में डीईओ बीएल कुर्रे का कहना है कि अभी मेरे पास इसकी सूची नहीं आई है। सूची आने के बाद ही इस बारे में कुछ बता पाऊंगा।


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