कोरबा . शिक्षा का
अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आगामी शैक्षणिक सत्र से एडमिशन की
प्रक्रिया एक अपै्रल से शुरू की जाएगी। इसके लिए विभागीय तैयारियां की जा
रही हैं। सहायक नोडल अधिकारी (सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य)
द्वारा अब हस्तलिखित आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शासन स्तर से आरटीई के
तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जिसके
माध्यम से पालकों को स्वयं ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आरटीई से प्रवेश के लिए प्रक्रिया ऑनलाईन किए जाने के बाद जानकारी के
अभाव में पालक भटक रहे हैं। जबकि यह प्रक्रिया एक अपै्रल से शुरू की जानी
है। आवेदन भी ऑनलाइन ही करना होगा। चूंकि इस वर्ष से सीजी बोर्ड का नया
सत्र १६ जून से शुरू होगा इसलिए गर्मी की छुट्टियों में शिक्षा विभाग
द्वारा आरटीई से निजी स्कूलों में निचले तबके के जरूरतमंद छात्रों को
नि:शुल्क प्रवेश देने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
फिलहाल विभाग द्वारा सहायक नोडल अधिकारियों से यह जानकारी एकत्र की जा
रहा है कि उनके क्षेत्रांतर्गत एक किलोमीटर के दायरे में कितने स्कूल आते
हैं। इस जानकारी को पोर्टल में फीड करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की
जाएगी। पलकों को चाहिए कि वह एक अप्रैल तक इंतजार करें। इसके बाद आवेदन किस
पोर्टल के माध्यम से किया जाना है। इसका पता लगाकर ऑनलाइन आवेदन भरें।
सीबीएसई स्कूलों को सीटें रिक्त रखने के निर्देश
ज्यादातर
पालक इसलिए भी परेशान हैं क्योंकि बड़े बैनर के सीबीएसई स्कूलों में
एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं
है। ऐसे सभी स्कूलों को विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि प्राथमिक
कक्षाओं में आरटीई के कोटे की २५ प्रतिशत सीटें रिक्त रखी जाएं। जिसके कारण
वह आरटीई की सीटें रिक्त रखेंगे।