रायगढ़. पिछले लंबे समय से गैर शिक्षकीय कार्य में संलग्न को लोक शिक्षण
संचालनालय के आदेश के बाद शिक्षा विभाग वापस मांग रहा है। इसके लिए शिक्षा
विभाग ने अलग-अलग विभागों को पत्र जारी कर शिक्षकों को मुक्त कर मूल पद पर
वापस भेजने के लिए कहा है।
ज्ञात हो कि पिछले लंबे समय से जिले में काफी अधिक संख्या में शिक्षक
गैर शिक्षकीय कार्य कर रहे हैं। इसमें १७९ छात्रावास में से आधे में जहां
शिक्षक व व्याख्याता संभाल रहे हैं तो इसी प्रकार अन्य कई विभागों में
संलग्न किया गया है। लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए लोक शिक्षण
संचालनालय ने पिछले दिनों जिले के समस्त ऐसे शिक्षकों को गैर शिक्षकीय
कार्य से मुक्त करते हुए मूल पद में वापस भेजने का निर्देश दिया है। उक्त
निर्देश के आधार पर डीईओ ने सभी विभागों को पत्र जारी किया है।
ताकि
मूल पद में वापस होने के बाद उक्त शिक्षक अध्यापन का कार्य सही ढंग से करा
सके और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर बार-बार आ रही शिकायत को दूर
किया जा सके। हालांकि डीईओ के उक्त पत्र के बाद भी अन्य विभागों में पदस्थ
शिक्षकों को अभी मुक्त नहीं किया गया है। यही कारण है कि शिक्षा विभाग ने
संचानालय को अभी तक शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य से मुक्त करने संबंधी
जानकारी नहीं भेजा है।
करीब 100 शिक्षक हो जाएंगे वापस
सूत्रों की माने तो अगर लोक शिक्षण संचालनालय के उक्त आदेश का सही तरीके
से पालन हुआ तो शिक्षा विभाग को करीब सौ शिक्षक वापस मिल जाएंगे। अजाक
विभाग में करीब ७० शिक्षक के अलावा राजीव गांधी शिक्षा मिशन, साक्षर भारत,
जिला पंचायत, जनपद व शिक्षा विभाग के अलावा विधायकों के पास शिक्षक संलग्न
है।
स्कूलों में होता है अध्यापन प्रभावित
शिक्षा
विभाग पदस्थ शिक्षकों की भर्ती स्कूलों में अध्यापन कार्य के लिए कराया
जाता है, लेकिन कुछ ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें अधिकारी उनके मूल कार्य की बजाए
दूसरे कार्य की जिम्मेदारी देते हैं। इसमें किसी को छात्रावास में भेजा
जाता है तो किसी अन्य विभाग में शिक्षकों की पदस्थाना की जाती है। इससे जिस
स्कूल में संबंधित शिक्षक की पदस्थापना हुई होती है वहां का अध्यापन कार्य
प्रभावित होता है।
की गई कार्रवाई को करना है ऑनलाईन दर्ज
डीईओ
को जारी आदेश में यह स्पष्ट कहा गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के उक्त
आदेश का समय सीमा में पालन करते हुए की गई कार्रवाई से ऑनलाईन दर्ज किया
जाना है। साथ ही उच्च विभाग को भी इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए अवगत
कराया जाना है। विभागीय अधिकारियों की माने तो डीईओ के द्वारा जारी इस आदेश
की नाफरमानी करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
-गैर शिक्षकीय कार्य में संलग्न शिक्षकों को मुक्त कर शिक्षकीय कार्य
में लगाने संचालनालय का आदेश मिला है। जिसका पालन करते हुए सभी ऐसे विभाग
के प्रमुख को पत्र लिखा गया है जहां शिक्षक संलग्न है- आरपी आदित्य, डीईओ,
रायगढ़