प्राथमिक स्कूल उरांव पारा गढ़ उमरिया: दोपहर 2 बजे हमारी टीम गढ़उमरिया के
उरांव पारा में स्थित सरकारी स्कूल में पहुंची। यहां 20 बच्चे पढ़ाई करते
हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए 1 शिक्षक है। स्कूल में ताला बंद करके शिक्षक
हड़ताल में शामिल होने चली गई थी। शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
की।
गुरुजी हड़ताल पर
ज्यादातर स्कूलों में दिखा हड़ताल का असर
भास्कर न्यूज | रायगढ़
जिले के 3 हजार 600 वर्ग तीन के शिक्षकों ने मंगलवार को सामूहिक हड़ताल
कर दिया। उनकी एकदिवसीय हड़ताल की घोषणा के बाद भी शिक्षा विभाग ने
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।
इसका असर ये रहा कि कई प्रायमरी स्कूलों में बच्चे खुद शिक्षक बन गए
तो कहीं शिक्षक के अभाव में बच्चे मैदान में खेलते मिले। कई स्कूलों में तो
तालाबंदी हो गई। कुल मिलाकर मंगलवार को जिले में प्रायमरी स्कूल के बच्चों
की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई। जिले में 1971 प्राइमरी स्कूल है, जिसमें
1550 शिक्षाकर्मियों के भरोसे हैं। हड़ताल की वजह से स्कूल प्यून के भरोसे
ही रहे। जिन स्कूलों में प्यून की व्यवस्था नहीं है। वहां सुबह ताले खोलकर
शिक्षक वापस लौट गए। बच्चे कुछ घंटे बिताने या मध्याह्न भोजन के बाद घर लौट
गए।
संविलियन के बाद भी वेतन विसंगति को दूर करने, सातवां वेतनमान की मांग पर जिले के 3600 शिक्षक सामूहिक हड़ताल पर रहे
ये हैं प्रमुख मांगें
संविलियन उपरांत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर की जाए,
पदोन्नति से वंचित शिक्षकों को 10 वर्ष की सेवा के बाद सातवां वेतनमान का
लाभ मिले, संविलियन के लिए निर्धारित आठ वर्ष की अवधि को समाप्त किया जाए,
2010 से मृत शिक्षकों के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
कहीं बच्चे खेलते रहे तो कहीं एक ही शिक्षक ने संभाले रखा पढ़ाई का जिम्मा
प्राथमिक स्कूल गुड़गहन: दोपहर ढाई बजे हम गुड़गहन के सरकारी
प्राथमिक स्कूल पहुंचे। उपस्थिति पंजी के अनुसार 37 बच्चे यहां पढ़ते हैं।
मंगलवार को 26 बच्चे आए थे। शिक्षक मंदेश्वरी पटेल हड़ताल पर थीं। उड़िया
पढ़ाने के लिए नियुक्त शिक्षिका हेमलता भुईंहर बच्चों को हिंदी पढ़ा रही थीं।
प्राथमिक स्कूल बोदाटिकरा: दोपहर 3 बजे हम बोदा टिकरा के प्राथमिक
स्कूल में पहुंचे। यहां 84 में से 61 बच्चे आए थे। स्कूल से शिक्षक ओम
प्रकाश गुप्ता, सुशील एक्का व लता एक्का हड़ताल में शामिल होने गए थे।
शिक्षिका कुसुम लता एक्का अकेली थीं। बच्चे बाहर में खेलते हुए मिले।