बैकुंठपुर| संविलियन को लेकर एक पक्ष में खुशी है तो कुछ सहायक शिक्षक और
शिक्षक पंचायत नियमों के पेंच में फंसने के कारण उन्हें संविलियन का फायदा
नहीं मिल रहा है।
इसमें पंचायत संवर्ग को क्रमोन्नति न देना वेतन विसंगति
को दूर न करना, वर्ष बंधन की बाध्यता रखना सहित अनुकंपा नियुक्ति में सख्त
नियम बनाने के कारण बडी़ संख्या में सहायक शिक्षक पंचायत वर्ग के साथ साथ
2010 से नियुक्त सभी संवर्ग अपने को शासन से ठगा.सा महसूस कर रहे हैं।शालेय
शिक्षाकर्मी संघ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश खैरवार ने बताया कि 2013 में
छठा वेतनमान जब दिया गया। तब भी वेतन के राशि की बढ़ोतरी के कारण वेतन
विसंगति की मार विशेष रूप से सहायक शिक्षक पंचायत पर पड़ी। लेकिन अब सातवें
वेतनमान में अपनी अनदेखी को यह संवर्ग बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हैं। इसे
लेकर सहायक शिक्षक एवं पंचायत वर्ग अपने नियुक्ति काल से ही भेदभाव का
शिकार होता आया है। जिले में 6 से 7 वर्षों से वर्ग 3 की पदोन्नति की
कार्रवाई नहीं हुई। जबकि वर्ग 1 और 2 के पदोन्नति की कार्रवाई 2 बार हो
चुकी है। इन्हीं कारणों से प्रदेश स्तर पर फेडरेशन का गठन कर अपनी बात शासन
तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
जिले में भी फेडरेशन के बैनर तले आगे की रणनीति शासन तक अपनी बात कैसे
पहुंचाएं तय किया गया। ब्लॉक स्तर पर सोनहत, मनेंद्रगढ़, भरतपुर,
बैकुंठपुर, खडग़वां में सहायक शिक्षक और पंचायत वर्ग की बैठक कर 28 अगस्त
को जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें शालेय
शिक्षाकर्मी संघ और शिक्षक कल्याण संघ ने इनकी मांग का समर्थन किया हैं।