Chhattisgarh में 23 फरवरी 2026 से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है, जिसमें शिक्षक संगठनों की नज़रें भी सरकार के फैसलों पर टिकी हैं।
🧑🏫 शिक्षक संघ की मुख्य मांगें
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सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने बजट सत्र के दौरान सरकार से वेतन विसंगति (salary anomaly) और वेतनमान में समानता सहित मोदी जी के चुनावी वादों को पूरा करने की मांग की है।
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फेडरेशन ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतनमान नहीं मिलने से शिक्षकों में असंतोष है।
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इसके अलावा फ़ेडरेशन ने पूर्व सेवा की गिनती, पेंशन में पारदर्शिता और लंबित वित्तीय अधिकारों पर भी निर्णय की मांग की है।
📊 बजट सत्र में क्या उम्मीद है?
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बजट सत्र 20 मार्च तक चलेगा और इसमें वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
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शिक्षक नेता चाहते हैं कि इस बजट में उनकी मांगों को शामिल किया जाए, वरना फेडरेशन चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दे चुकी है।
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शिक्षक नेताओं की मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए शिक्षकों को संतुष्ट करना आवश्यक है।
📍 कुल निष्कर्ष
बजट सत्र के दौरान सहायक शिक्षकों की वेतन असमानता, सेवा-गणना और वित्तीय लाभों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के फैसले को लेकर उम्मीदें जगी हैं। वे चाहते हैं कि बजट में उनकी लंबित मांगों को शामिल किया जाए, नहीं तो बड़े आंदोलन की तैयारी भी है।