शिक्षाकर्मी से शिक्षा विभाग में संविलियन हुए शिक्षकों के शैक्षणिक
दस्तावेजों की जांच शनिवार को सुबह 10 बजे से कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में
शिविर में की गई। शिविर के लिए डौंडी ब्लाॅक के 10 संकुल केंद्रों के
शिक्षाकर्मियों को बुलाया गया था।
शिविर में जांच के लिए 6 कमरे में सिस्टम लगाया जाना था, किंतु तीन
कमराें में शिक्षाकर्मियों के बैठाने की व्यवस्था की गई थी। ज्यादातर
शिक्षाकर्मी स्कूल के अंदर और बाहर घुम रहे थे।
दोपहर 1 बजे एसडीएम जीएल यादव व तहसीलदार सोनित मेरिया ने एक कमरे में
बैठे शिक्षाकर्मियों के साथ चर्चा कर शिक्षक बनने में अंतर की जानकारी ली।
बताया कि 8 साल की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मी अब शासकीय सेवक
बन जाएंगे और छत्तीसगढ़ में कहीं भी तबादला हो जाएगा। परंतु वेतन विसंगति की
समस्या ज्यों की त्यों है। क्योंकि पहले वर्ग 1 और वर्ग 3 के मानदेय में
5-6 हजार रुपए का अंतर होता था, अब ये 10 से 15 हजार रुपए का हो गया है।
वहीं 2 जुलाई को कार्यभार ग्रहण करने वाले को संविलियन के लिए 1 साल इंतजार
करना पड़ेगा।