छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा राज्य के शासकीय अधिकारियों एवं
कर्मचारियों के लिए तीन स्तरीय वेतनमान का आदेश जारी किया गया है। जिसमें
30 से 35 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत सहायक शिक्षकों को फूटी कौड़ी का
लाभ नहीं मिल रहा है।
जिससे प्रदेश के लगभग 35000 शिक्षकों में आक्रोश है।
शिक्षक अब आंदोलन की तैयारी में हैं।
राज्य कर्मचारी संघ के तहसील सचिव राजिम प्रफुल्ल दुबे ने बताया कि
प्रदेश के मुखिया डॉ रमन सिंह ने बिलासपुर में चार स्तरीय वेतनमान की घोषणा
किए थे जिन्हें अधिकारियों ने षड्यंत्रपूर्वक तीन स्तरीय कर दिए हैं
।जिससे प्रदेश के सीनियर कर्मचारियों को जो लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिल
रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के तहसील अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा
ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत सहायक शिक्षकों जो कि वर्तमान में उच्च
शिक्षक के पद में कार्यरत है को 20 वर्ष सेवा के बाद वेतन 4300 ग्रेड पे
मिल रहा है।
प्राचार्य का वेतनमान 5400 ग्रेड पे होना चाहिए
मिश्रा ने बताया कि सहायक शिक्षकों 10 वर्ष सेवा बाद उच्च पद
शिक्षक का वेतनमान 4200 ग्रेड पे मिला है एवं 20 वर्ष सेवा बाद शिक्षक का
उच्च पद व्याख्याता का वेतनमान 4300 ग्रेड पे मिल रहा है तो 30 वर्ष सेवा
बाद तीसरा समयमान वेतनमान प्राचार्य का वेतनमान 5400 ग्रेड पे होना चाहिए।
विगत दिनों इस विसंगतिपूर्ण आदेश में संशोधन करने हेतु छत्तीसगढ़ शिक्षक
संघ एवं राज्य कर्मचारी संघ एवं तहसील इकाई के प्रतिनिधिमंडल चंद्रशेखर
मिश्रा, प्रफुल्ल दुबे, रामनारायण मिश्रा, योगेश्वर गोस्वामी एवं आत्मा राम
साहू के नेतृत्व में वित्त सचिव छत्तीसगढ़ शासन को महानदी भवन मंत्रालय
नया रायपुर सहायक शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतन में 5400 ग्रेड पे लेबल 12
वेतनमान प्रदान करने हेतु ज्ञापन सौंपा। उक्त कर्मचारी नेताओं ने कहा कि
यदि इस संबंध में उचित निर्णय नहीं लेती तो न्यायालय में जाने के लिए बाध्य
हो जाएंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।