रायपुर(चैनल इंडिया)| छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती और पदोन्नति नियम में बदलाव किए हैं। इससे शिक्षकों की पदोन्नति के लिए न्यूनतम अनुभव 5 साल से घटाकर 3 साल कर दिया गया है। यह व्यवस्था केवल एक बार के लिए की गई है।
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प्रदेश के लाखों शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन, सरकार ने 5 साल के अनुभव वाले नियम को बदला
रायपुर । छत्तीसगढ़ के लाखों शिक्षकों को अब प्रदेश सरकार के नए नियम का फायदा मिलेगा। प्रमोशन के लिए जरूरी 5 साल के अनुभव वाले नियम को बदल दिया गया है। अब सिर्फ 3 साल के अनुभव में ही प्रमोशन मिलेगा। पढ़िए इस बारे में जारी किए गए आदेश में सरकार ने क्या कहा है।
शिक्षकों को नए साल का तोहफा, अब 3 साल में होगा प्रमोशन, 28000 को मिलेगा लाभ
रायपुर, डेस्क रिपोर्ट। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार (Chhattisgarh Bhupesh Baghel Government) ने शिक्षकों को नए साल का तोहफा दिया है। सरकार ने छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती और पदोन्नति नियम में बड़ा बदलाव किया है, जिसके बाद अब शिक्षकों को 3 साल के अनुभव पर ही
छत्तीसगढ़ माशिमं का बदला नियम: 10वीं व12वीं बोर्ड की प्रोजेक्ट-प्रैक्टिकल परीक्षा स्कूल के शिक्षक ही लेंगे
रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं-12वीं बोर्ड की प्रोजेक्ट-प्रैक्टिकल परीक्षा में बाह्य परीक्षक की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। ये परीक्षाएं 10 से 31 जनवरी तक होनी हैं। परीक्षाएं स्कूल स्तर पर ही आयोजित की जाएगी। संस्था के प्राचार्य का यह दायित्व होगा कि निर्धारित परीक्षा समय अवधि में संबंधित विषय के लिए आंतरिक परीक्षक नियुक्त करके सुविधा के अनुसार एक दिन में उतने ही परीक्षार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा के लिए बुलाए जितने के लिए शारीरिक दूरी के साथ व्यवस्था हो सके। इस दौरान शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
सहयक शिक्षकों को मिलेगी पदोन्नति, नए साल में कर्मचारी न्याय योजना की शुरूआत- राजेश चटर्जी
जशपुर नगर ।छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी,जशपुर जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं महामंत्री संजीव शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षकों को पदोन्नति देने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर बहुत बड़ा राहत दिया है। उन्होंने इस निर्णय को नए वर्ष में कर्मचारी न्याय योजना की शुरुआत बताया है।
साल 2022 : प्रदेश के पौने तीन लाख कर्मचारियो को 14 फीसदी महंगाई भत्ते की दरकार,कर्मचारी संगठन आंदोलन की राह पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पौने तीन लाख शासकीय कर्मचारियो को अभी 17 फीसदी ही महंगाई भत्ता मिल रहा है अब उम्मीद है की सरकार महंगाई भत्ते की शेष 14फीसदी भत्ते को जनवरी मे़ जारी करे प्रदेश के पौने तीन लाख
पेंशनर्स : लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की डेडलाइन 28 फरवरी तक बढ़ी
रायपुर : सरकारी पेंशनभोगियों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा करने की समय सीमा 28 फरवरी 2022 तक बढ़ा दी गई है। पिछली समय सीमा 31 दिसंबर 2021 थी। यह दूसरी बार है जब सरकार ने समय सीमा बढ़ाई है।
ट्रांसफर ब्रेकिंग : फिर शिक्षको के हुए ट्रांसफर
रायपुर। शिक्षा विभाग मे शिक्षको के फिर ट्रांसफर हुए देखे लिस्ट
बड़ी खबर : पदोन्नति के लिए अब सी आर मंगवाई जाएगी, 35 हजार शिक्षक भरेंगे गोपनीय चरित्रावली
शासन से पदोन्नति हेतु राजपत्र प्रकाशन होने के पश्चात पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र गति पकड़ेगी वर्षो से एक ही पद पर कार्य कर रहे प्रदेश के सहायक शिक्षको को इसका लाभ मिलेगा वही राजपत्र प्रकाशन के पूर्व जिलो में वरिष्ठता सूची प्रकाशित हो गयी थी अब सी आर मंगवाई जाएगी संभवत फरवरी तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण हो सकेगी
महासमुंद : शिक्षक पात्रता परीक्षा 09 जनवरी को
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा 09 जनवरी 2022 को दो पालियो में भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया गया है। जिसमें प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 9ः30 बजे से दोपहर 12ः15 बजे तक 31 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होंगे। जिसमें 6849 परीक्षार्थी शामिल होंगे तथा द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2ः00 बजे से शाम 4ः45 बजे तक 25 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होंगे। जिसमें 5935 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
शिक्षकों की पदोन्नति के लिए न्यूनतम अनुभव 5 वर्ष को घटाकर 3 वर्ष
रायपुर, 5 जनवरी (हि.स.)।राज्य शासन द्वारा शिक्षकों की पदोन्नति के लिए न्यूनतम अनुभव 5 वर्ष को घटाकर 3 वर्ष की गई है। यह शिथिलता एक बार के लिए दी गई है। राज्य शासन के इस फैसले से लगभग 28 हजार एलबी शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा।
बिहार में शादी करने पर कैसे मिल सकता है 3 लाख रुपया? जानें क्या है योजना, कैसे करें आवेदन
पटना. कहने को तो हम 21वीं सदी में हैं, लेकिन कई ऐसी परंपराएं व रीति-रिवाज हमारे समाज में मौजूद हैं जिनमें बदलाव की आवश्यकता है. इनमें से एक है समाज में अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह को प्रोत्साहन. दरअसल आज भी हमारे समाज में अधिकांश लोगों द्वारा अपनी ही जाति व धर्म में विवाह करना पसंद किया जाता है. हालांकि, इस सोच को बदलने के लिए कई सरकारें प्रयासरत दिखती हैं. बिहार में इसको लेकर विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जाता है. इनमें से एक है अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना व मुख्यमंत्री निशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना.