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छत्तीसगढ़: 1,595 शिक्षकों की प्रमोशन पात्रता सूची जारी, 23 फरवरी को मिलेगा अंतिम प्रमोशन आदेश

 छत्तीसगढ़ के CG डिविजन (मुख्यतः बस्तर संभाग) के 1,595 सरकारी शिक्षकों की पदोन्नति हेतु पात्रता सूची जारी कर दी गई है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षक समुदाय में खुशी की लहर है। इस सूची में शामिल किए गए शिक्षकों को अब अंतिम प्रमोशन आदेश जारी होने का बेसब्री से इंतजार है, जो 23 फरवरी तक जारी किए जाने की योजना है।

शिक्षा विभाग का सख्त आदेश: 15 सीएसी सदस्यों को शो-कॉज़ नोटिस जारी — जिम्मेदारी से चूक पर बड़ा कार्रवाई संकेत

शिक्षा विभाग ने उन 15 सीएसी (कॉमन एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी) सदस्यों को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है, जिनके खिलाफ विभागीय कार्यों में लापरवाही, निर्देशों का पालन न करने और जवाबदेही में कमी के आरोप लगे हैं। यह कदम शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास में उठाया गया है।

शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र 65 साल होनी चाहिए: पेंशन, पार्टियल पेंशन और सेवा सुरक्षा पर बड़ा विश्लेषण

 शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बहस इस समय उठ रही है — शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र को वर्तमान मानक से बढ़ाकर 65 साल किया जाना चाहिए। यह मांग शिक्षा जगत के कई अनुभवी शिक्षकों, विशेषज्ञों और शिक्षक संगठनों द्वारा जोर देकर उठाई जा रही है।

छत्तीसगढ़ में 5,000 शिक्षक भर्ती को मंजूरी: आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और तिथियों का पूरा विवरण

 छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा विभाग में 5,000 शिक्षक पदों पर भर्ती के अनुमोदन को हरी झंडी दे दी है। यह निर्णय राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने, पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

टीईटी विवाद: शिक्षक दिल्ली पहुंचे, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उठाई अपनी मांगें

 छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के शिक्षक टीईटी (Teacher Eligibility Test) विवाद को लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे मिलकर अपने लंबित मुद्दों को सामने रखना है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि टीईटी की अनिवार्यता केवल नए नियुक्त शिक्षकों के लिए होनी चाहिए, जबकि अनुभवी और लंबे समय से सेवा में लगे शिक्षकों पर इसे लागू करना अनुचित और असंगत है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों पर बढ़ा तनाव: प्रोजेक्ट और प्री‑बोर्ड परीक्षाओं का समन्वय जरूरी

 छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जो माध्यमिक शिक्षा विभाग और संचालक लोक शिक्षण के बीच समन्वय की कमी के कारण उत्पन्न हुआ है। राज्य के कई स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा की प्री‑बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां निर्धारित की गई हैं, जबकि इसी समय प्रायोगिक और प्रोजेक्ट कार्यों के लिए भी पहले से निर्देश जारी हैं। इस स्थिति में दोनों महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों को एक साथ पूरा करना शिक्षकों और छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में स्कूल रेशनलाइजेशन के बाद भी स्थिति जस की तस, कई स्कूल ताले बंद और पढ़ाई प्रभावित

 छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग की रेशनलाइजेशन नीति लागू होने के बावजूद कई सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं दिख रहा है। कई स्कूलों में गेट पर ताला लगा हुआ है और कक्षा संचालन सामान्य रूप से नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थानीय बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षक हत्या: घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप

 छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक शिक्षिका और शिक्षक समुदाय को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक की हत्या उसके ही घर में उसकी पत्नी द्वारा की गई। यह मामला शिक्षा क्षेत्र, शिक्षक सुरक्षा, घरेलू हिंसा, और पारिवारिक विवाद जैसे हाई CPC कीवर्ड्स के लिए महत्वपूर्ण है।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल अटेंडेंस से स्कूल शिक्षा में सुधार की नई पहल

 छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक बड़ी पहल की है। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक और छात्र दोनों की उपस्थिति डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों में नियमितता सुनिश्चित करना, स्कूल अनुशासन में सुधार लाना और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षक तनाव: प्रोजेक्ट और प्री‑बोर्ड परीक्षाओं पर तालमेल की कमी से बढ़ी चिंता

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा तंत्र में शिक्षक और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी ने एक बार फिर तनाव पैदा कर दिया है। हाल ही में शिक्षक संघों ने चेतावनी दी है कि प्रोजेक्ट कार्य और प्री‑बोर्ड परीक्षाओं को एक साथ संचालित करना शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए व्यवहारिक रूप से उचित नहीं है। शिक्षा विभाग द्वारा दोनों गतिविधियों के लिए एक ही समय सीमा तय किए जाने से शिक्षक अतिरिक्त दबाव और तनाव का सामना कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग में सेवा गणना को लेकर बड़ा आंदोलन, शिक्षकों ने सीएम से की मांग

 छत्तीसगढ़ में शिक्षक समुदाय एक महत्वपूर्ण मांग को लेकर जोरदार संघर्ष कर रहा है। सरकारी शिक्षकों का कहना है कि उनकी सेवा गणना पहले नियुक्ति तिथि से की जानी चाहिए, न कि बाद की किसी तिथि से। यह मुद्दा शिक्षक संघों और शिक्षा विभाग के बीच जारी बहस का केंद्र बन गया है और राज्य में शिक्षक अधिकार, सेवा नियम सुधार और वेतन न्याय जैसे विषयों पर गहन चर्चा का कारण बन रहा है।

कोरबा में शिक्षा विभाग सक्रिय: युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई और वेतन रोक

 छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शिक्षा विभाग ने शिक्षक नियुक्ति नीति के अनुपालन में सख्त कदम उठाए हैं। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कई सरकारी शिक्षकों ने अपने नए विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसके चलते विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

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