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छुट्‌टी लेने के लिए बनवाए गए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच करेगा स्वास्थ्य विभाग

ट्रांसफर आर्डर के बाद रिलीव होने से बचने 293 शिक्षकों ने बनाया था बीमारी का बहाना
भास्कर न्यूज | रायगढ़  अतिशेष शिक्षकों के फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के सहारे अवकाश लेने के मामले में स्वास्थ्य विभाग जांच करेगा । रायगढ़ जिले से दूसरे जिले में हुए ट्रांसफर के बाद रिलीव होने से बचने के लिए 564 में से 293 शिक्षकों ने बीमारी का बहाना बनाकर थोक में मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए थे।

इतनी बड़ी मात्रा में एक साथ जारी हुए मेडिकल सर्टिफिकेट के बाद अब सीएमएचओ इसकी जांच करेंगे।

रायगढ़ जिले में संदेहजनक रूप से एक साथ बीमार हुए शिक्षकों के लिए अब जांच पड़ताल की जाएगी। सरकारी डाक्टरों से लेकर प्राइवेट डाक्टरों एवं बीएएमएस डाक्टरों तक से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर अतिशेष शिक्षक अवकाश पर चले गए थे। 18 अप्रैल को जिला प्रशासन से ट्रांसफर आर्डर जारी होने के बाद रिलीव होने से बचने के लिए शिक्षकों ने यह चाल चली थी और डाक्टरों के साथ सांठगांठ करके मेडिकल सर्टिफिकेट बनवा कर जनपद पंचायत एवं बीइओ कार्यालय में भी जमा कर दिया था लेकिन एक साथ थोक में आए मेडिकल सर्टिफिकेट के बाद ना तो संबंधित जनपद पंचायत सीइओ ने इसमें कोई दिमाग लगाया और ना ही विकासखंड शिक्षाधिकारियों ने इसमें कोई जांच पड़ताल करना जरूरी समझा। जिससे समय पर शिक्षक रिलीव भी नहीं हो सके और भास्कर में इस गोलमाल के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया है और मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्साधिकारी डा हबेल उरांव ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं जिससे ऐसे मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने वाले डाक्टरों को आने वाले समय में मुसीबत हो सकती है।



वहीं इस फर्जीवाड़े की सही तरीके से जांच हुई तो संबंधित शिक्षाकर्मी पर भी गाज गिर सकती है।

17 मई को प्रकाशित खबर।

एक साथ 293 शिक्षकों का बीमार पड़ना अस्वभाविक है। इतनी बड़ी मात्रा में मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे जारी हुए हैं। इसकी जांच करेंगे। '' डा. हबेल उरांव, सीएमएचओ

लिखित आदेश का इंतजार

शासन की ओर से अतिशेष शिक्षकों के ट्रांसफर के बाद पदोन्नति करने के आदेश जारी हुए थे। जिसके बाद जिले में 564 शिक्षकों को रिलीव किया गया था लेकिन पंचायत मंत्री के निर्देश पर अब यह प्रक्रिया अधर में लटक गई है, क्याेंकि जब तक इस संबंध में शासन से कोई लिखित आदेश नहीं आता है, तब तक जिला प्रशासन इसमें कोई कदम आगे नहीं बढ़ाएगा। जिससे मामला उलझ गया है।

अब आदेश रद्द करने का बना रहे दबाव

अतिशेष शिक्षकों के लिए रिलीव आर्डर जारी होने के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चंद्राकर ने रिलीव करने से पहले पदोन्नति के लिए मौखिक निर्देश दिया था और इसी मौखिक निर्देश का फायदा उठाकर अब शिक्षाकर्मी रिलीविंग के पुराने आर्डर को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए क्रांतिकारी शिक्षाकर्मी संघ ने जिपं में शक्ति प्रदर्शन भी किया है।

शासन के आदेश पर सभी शिक्षकों को रिलीव कर दिया गया है। अब उसके बाद शिक्षकों ने मेडिकल सर्टिफिकेट लगाया है तो उसको अभी मान्य नहीं किया जाएगा। शासन के आदेश पर ही अगली कार्रवाई होगी। '' एनके द्विवेदी , डीइओ
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