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Recruitment & posting : भर्ती का आदेश नहीं, हो गई स्कूल में पोस्टिंग

व्यवस्था करने के लिए भेजा है स्कूल में शिक्षक
शिक्षा विभाग व जिला पंचायत द्वारा नए उन्नयन के स्कूल में बिना भर्ती आदेश के व्यक्ति विशेष की पोस्टिंग करने का मामला सामने आया है। पदस्थापना का आदेश शिक्षा विभाग की सिफारिश से जिला पंचायत ने जारी किया।

आदेश एक दिन में ही जारी हुआ। जिसकी पदस्थापना की गई, वह दूसरे जगह से पदमुक्त हुआ और उसी दिन उसने ज्वाइनिंग भी ले ली। मामले में सामान्य प्रशासन से कोई अनुमोदन नहीं लिया गया। जबकि नियमत: अनुमोदन जरूरी है। जिला पंचायत शिक्षा समिति के सदस्य राकेश ठाकुर की आपत्ति के बाद मामले का खुलासा हुआ।

जानिए, क्या है पूरा मामला : पाटन बीआरपी के पद पर अमित शुक्ला पदस्थ थे। उनका पूर्व में पति-प|ी प्रकरण में खम्हरिया ट्रांसफर हुआ। इसके बाद भरर में पदोन्नत होकर व्याख्याता शिक्षक बने। फरवरी 2016 में ही उन्हें बीआरपी बनाने का आदेश हुआ। कुछ दिनों तक सेवाएं देने के बाद अचानक उन्हें बटंग में पूर्व माध्यमिक से उन्नयन के बाद बनाए गए हाईस्कूल में पदस्थ करने का आदेश 18 जुलाई को जारी कर दिया गया।

िववाद गहराया तो दी नियमों की दुहाई

क्या आपत्ति की सदस्यों ने

इधर जिला पंचायत की शिक्षा समिति सदस्य राकेश ठाकुर ने आपत्ति की है। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन की बैठक में बिना अनुमोदन ऐसे पदस्थापना नहीं दी जा सकती। शिक्षाकर्मियों पदस्थापना व पदोन्नति को लेकर सामान्य प्रशासन ने अनुमोदन भी किया। बिना जानकारी के शिक्षा विभाग व जिला पंचायत के अधिकारी ऐसा नहीं कर सकते।

शिक्षा विभाग ने भेजी सूची

आदेश में मेरे हस्ताक्षर है। लेकिन सूची शिक्षा विभाग के तरफ से भेजी गई। उनके अनुमोदन पर ही मैंने हस्ताक्षर किए। यदि वैसा कुछ है, तो मैं जानकारी लेती हूं। जो नियम में होगा, वह किया जाएगा। सतोविशा समाजदार, सीईओ, जिपं दुर्ग

कोर्ट जाने की तैयारी

कोर्ट जाने की तैयारी की है। पूर्व में वर्ग-एक से तीन तक सभी में अनियमितता की आशंका जताई। आदेशों की जानकारी नहीं दी जाती। संभाग आयुक्त से शिकायत का पर भी कार्रवाई नहीं हुई। जयंत देशमुख, सदस्य जिला पंचायत दुर्ग

मैंने किया था आवेदन

मुझे केवल अध्ययन के लिए वहां भेजा गया है। मैंने शिक्षक बनकर स्कूल में पढ़ाने की इच्छा जताई। इसके आधार पर ही अनापत्ति के बाद आदेश जारी हुआ। आपत्ति गलत हैं। सदस्य को सही जानकारी नहीं। अमित शुक्ला, शिक्षक

तोड़े जा रहे नियम

बिना सामान्य प्रशासन के अनुमोदन के कैसे किसी के पदस्थापना का आदेश जारी किया जा सकता है। चोरी पकड़ में आ गई, तो अब छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। जवाब तो देना होगा। आपत्ति दर्ज करा दी है। राकेश ठाकुर, सदस्य

बटंग के जिस स्कूल का उन्नयन इस सत्र में हुआ। जहां सेटअप के पदों पर भर्ती के लिए आदेश नहीं आया। वहां पोस्टिंग कैसे दे दी गई?

- पोस्टिंग नहीं दी गई है, केवल व्यवस्था के तहत शिक्षक भेजे गए हैं।

शिक्षक तो बीआरपी के पद पर कार्यरत था?

- उसने पहले आवेदन किया था। उसके आवेदन के आधार पर उसे भेजा गया।

क्या ऐसी पोस्टिंग नियम में है?

- मैं फिर कहूंगा, यह पोस्टिंग नहीं है केवल व्यवस्था है। और ऐसा किया जा सकता है।

जिले में और भी स्कूलों का उन्नयन किया गया, वहां तो किसी की पदस्थापना नहीं हुई?

- वहां भी बीईओ को कहा गया है, जो प्राइमरी व मिडिल के शिक्षक स्नातकोत्तर है, उनके आवेदन लें। उन्हें पदस्थ किया जाएगा। Sponsored link : सरकारी नौकरी -

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