स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनी बेहतर योजनाओं के कारण 10 वीं व 12 वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम में जशपुर जिला पूरे 27 जिलों में टाप पर रहा। इसके पीछे कारण पिछले साल की तुलना में इस साल रिजल्ट में हुए 15 फीसदी की वृद्धि को बताया जा रहा है।
पूर्व में जिले में विज्ञान संकाय के गिरते स्तर के कारण छात्र इसमें रुचि नहीं ले रहे थे। प्रशासन ने जो प्रयास किए, उससे इस वर्ष बेहतर नतीजे आए हैं। प्रदेश के रिजल्ट से तुलना की जाए तो पिछले साल 2017 में चौथे स्थान पर थे पर इस साल प्रथम आ गए। बारहवीं में इस साल 8710 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दिलाई थी। इसमें 8531 का परिणाम घोषित किया गया। इसमें प्रथम श्रेणी में 2938 द्वितीय 3960 एवं थर्ड 1076 परीक्षार्थी आए। सफलता का कुल प्रतिशत 93.49 रहा।
एग्रीकल्चर और कामर्स संकाय का रिजल्ट 26 प्रतिशत तक सुधरा
बीते साल की तुलना में विषयवार परिणाम
कला 76.46 73.82 71.84 90.66 18.82
विज्ञान 82.05 89.8 84.70 96.38 11.68
वाणिज्य 60.73 69.29 75.24 92.87 17.63
कृषि 73 67.69 80.19 91.17 10.98
गृहविज्ञान 78.46 86.32 82.05 96.66 14.61
2014
वर्ष
कला विज्ञान वाणिज्य कृषि गृहविज्ञान
तीन सालों के प्रयास से दोगुनी हुई संख्या
2014 से आए परिणामों से तुलना की जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि इस साल शिक्षा का स्तर सुधरा है, जिससे पिछले तीन सालों की अपेक्षा इस साल प्रथम श्रेणी में आने वाले छात्रों की संख्या दो गुना से ज्यादा बढ़ी है। 2014 में 9 हजार18 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दिलाई थी, जिसमें 8 हजार 978 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। इसमें 896 प्रथम , 3716 द्वितीय एवं 2241 तृतीय श्रेणी में पास हुए। इस वर्ष किए गए प्रयासों से प्रथम श्रेणी में उर्त्तीण छात्र-छात्राओं की संख्या दोगुनी हो गई, वहीं द्वितीय श्रेणी में भी उर्त्तीण होने वालों की संख्या भी बढ़ी और और तृतीय श्रेणी में पास होने वालों की संख्या घटी है।
2015
2016
2017
2018
इन कारणों से रिजल्ट में आया सुधार
शिक्षा विभाग ने समय पर कोर्स पूरा कराके तिमाही एवं छमाही परीक्षा कराई। प्री बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत प्रश्न बोर्ड से आए। विज्ञान विषय में डर दूर करने विशेष कोचिंग अभियान चलाया। आरएमएसए में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आदर्श प्रश्न पत्र लक्ष्य बांटा गया एवं उनकी लगातार मानिटरिंग की गई। कान्सेप्ट बेस कार्यक्रम कराए गए।
इसके कारण सुधरा परीक्षा परिणाम. जिले में इस वर्ष परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए कई कार्य किए गए जिसके कारण इस वर्ष जिले में कक्षा 12 वीं का परीक्षा परिणाम में सुधार अाया है।
अब नहीं लगता गणित से डर
माशिमं के 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में जिले का परीक्षा परिणाम 93.49 रहा। विशेषज्ञ शिक्षकों के प्रयासों से इस साल गणित व विज्ञान के परीक्षा परिणाम बीते साल की तुलना में बेहतर रहे । विशेषज्ञ इसके पीछे कारण गणित, अंग्रेजी, विज्ञान एवं भौतिकी जैसे कठिन विषयों में पर्याप्त मात्रा में शिक्षकों की नियुक्ति को बता रहे हैं।
90% का रखा था टार्गेट
इस वर्ष कलेक्टर ने 90% सफलता का लक्ष्य रखा था जो पूरा हुआ। विज्ञान विषय में अभावों के बावजूद उनके द्वारा किए गए प्रयोग सफल रहे। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला खुद स्कूलों में पहुंचकर शिक्षा की गुणवत्ता परखी। संकल्प कोचिंग संस्थान के विशेषज्ञ शिक्षक लगातार छात्रों को मार्गदर्शन देते रहे।
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