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10वीं-12वीं में शिक्षकों के 309 और प्राचार्य के 160 पद खाली

जिलेभर के स्कूलों में शिक्षकों का टोटा बना हुआ है। अंदरूनी इलाकों के साथ ही शहर के भी कई स्कूल एकल शिक्षकीय हो गए हैं। कई स्कूलों में प्रधानाध्यापक व प्राचार्य तक के पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते पढ़ाई के साथ स्कूल संचालन में दिक्कत आ रही है।


जिलेभर में 108 हाईस्कूल व 118 हायर सेकंडरी स्कूल हैं। इनमें व्याख्याता पंचायत के 1757 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में 1448 ही पदस्थ हैं। 309 पद रिक्त पड़े हुए हैं। नगरीय निकाय में व्याख्याता के 52 पदों में 48 में ही शिक्षक पदस्थ हैं। प्राचार्य के 226 पदों में सिर्फ 66 पद ही भरे हुए हैं, 160 पद खाली हैं। स्कूलों में व्याख्याता ही प्राचार्य का काम भी संभाल रहे हैं।

हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में प्रायोगिक कराने के लिए सहायक शिक्षक विज्ञान का पद भी है लेकिन इस पद के 311 में 226 पद ही भरे हुए हैं। पद रिक्त रहने से स्कूलों में प्रायोगिक शिक्षा प्रभावित हो रही है। नगरीय निकाय के अंतर्गत सहायक शिक्षक विज्ञान के 20 पद हैं, जिसमें 8 पद रिक्त हैं। पूर्व माध्यमिक शाला व प्राथमिक शाला में भी यही स्थिति है। जिलेभर में पूर्व माध्यमिक शाला 608 हैं। इसमें 2208 पदों में 1699 पद ही भरे हुए है। प्रधान अध्यापक के 608 पद में 231 पद रिक्त हैं। प्राथमिक शाला 1591 हैं। इसमें प्रधान अध्यापक के 1591 पदों में 837 पद रिक्त हैं।

हाल-ए-शिक्षा

नगरीय निकाय के अंतर्गत सहायक शिक्षक विज्ञान के 20 पद हैं, जिसमें 8 पद खाली, इससे स्कूलों में प्रायोगिक शिक्षा प्रभावित हो रही

विद्या मितान की नियुक्ति की जाएगी

कांकेर जिला शिक्षाधिकारी टीआर साहू ने कहा जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है वहां पर 306 नए विद्या मितान की मांग शासन से की गई है। विद्या मितान की नियुक्ति हो जाने से समस्या का निराकरण हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूल में हो जाएगा। जहां शिक्षकों की कमी है ऐसे स्कूलों में जहां ज्यादा शिक्षक पदस्थ हैं वहां से उन्हें भेजा जाएगा।

कांकेर। शहर के एमजी वार्ड मिडिल स्कूल हुआ एकल शिक्षकीय।

एमजी वार्ड के स्कूल में सिर्फ प्रधानाध्यापक

एमजी वार्ड पूर्व माध्यमिक शाला में कभी एक प्रधान अध्यापक व चार शिक्षक थे, लेकिन इस शिक्षा सत्र में स्कूल में सिर्फ प्रधानाध्यापक ही रह गए हैं। मिडिल स्कूल में अप्रैल 2018 में इस वर्ष सरोजनी ठाकुर सेवानिवृत हो गई। इसके पहले मई 2017 में दो महिला शिक्षक व्याख्याता से पदोन्नति पाकर दूसरे जगह के हायर सेकेंडरी स्कूल में चले गए हैं। वही 2014 में शिक्षक सुलेखा पाठक सेवानिवृत हो चुकी है। अभी सिर्फ स्कूल में प्रधानाध्यापक मोहन सेनापति ही बचे हैं।

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