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16 करोड़ खाते में फिर भी एससीईआरटी के अफसरों ने रोका शिक्षकों का मेहनताना, यह है मामला

 रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने पहले तो शिक्षकों, व्याख्याताओं से केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट पर काम कराया और अब मानदेय देने से कतरा रहे हैं। आरोप है कि एससीईआरटी के संचालक राजेश सिंह राणा ने शिक्षकों का मानदेय रोक दिया है। इसे लेकर छत्तीसगढ़ व्याख्याता संघ और छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ में भारी रोष है। चार साल के बाद भी मेहनताना नहीं मिलने पर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

केंद्र सरकार ने प्रदेश के साढ़े पांच हजार कर्मचारियों और शिक्षकों को बतौर पारिश्रमिक राशि के रूप में 16 करोड़ 21 लाख रुपये एससीईआरटी के खाते में डाल दिया है। इसे शिक्षकों को वितरित न करके एससीईआरटी ने अपने खाते में रख लिया है। नतीजा यह हो रहा है कि शिक्षकों को पारिश्रमिक के लिए भटकना पड़ रहा है। मामले में संचालक राजेश सिंह राणा से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। इधर व्याख्याता और शिक्षक संघ अब उच्च स्तर पर मामले को ले जाने की बात कह रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इस मामले में अफसरों के खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायतें हो चुकी है इसके बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

यह है मामला

केंद्र सरकार ने चार साल पहले राज्य के प्राइमरी-मिडिल स्कूलों में शिक्षण कार्य करने वाले 55 हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) कोर्स कराया था। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) ने इसके लिए एससीईआरटी छत्तीसगढ़ को नोडल एजेंसी नियुक्त किया था। इस कोर्स के लिए 621 डीएलएड अध्ययन केंद्रों में साढ़े पांच हजार से अधिक कर्मचारियों व शिक्षकों ने सेवाएं दीं थी। केंद्र सरकार ने मेहनताना देने के लिए 16 करोड़ 21 लाख रुपये परिषद के खाते में डाल दिया है। मगर, परिषद ने इन शिक्षकों को आज तक भुगतान नहीं किया है।

शिक्षक संघ ने लिखा प्रमुख सचिव को पत्र, कहा- जारी करें राशि

इधर, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओंकार सिंह ने स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि डीएलएड कोर्स अवकाश के दिनों में पूर्ण किए गए हैं। इसके बाद मानदेय फार्म, उपयोगिता प्रमाण पत्र, एनआइओएस की ओर से भेजा गया है। परीक्षण के बाद मानदेय की राशि एससीईआरटी के खाते में भेजी गई है । उन्होंने मामले में जल्द से जल्द राशि जारी करने की मांग की है।

मानदेय नहीं मिला तो उच्च स्तर पर करेंगे पहल: व्याख्याता संघ

छत्तीसगढ़ व्याख्याता संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के एनआइओएस ने परीक्षण करने के बाद एससीईआरटी को भुगतान किया था। व्याख्याता और शिक्षकों को मानदेय देना चाहिए। यदि नहीं दिया गया तो संघ उच्च स्तरीय पहल करेगा।

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने कहा, एनआइओएस ने कब राशि भेजी है, यह मुझे जानकारी नहीं है। यह कार्यक्रम मेरे कार्यकाल के पहले चला था। यदि राशि रोकी गई है तो मामले की जांच करा लेंगे।

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