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अब कवर्धा जिले से भी अतिशेष शिक्षकों को कर रहे वापस

रायगढ़ जिले में अतिशेष शिक्षकों की गणना के लिए बीते 3 साल में 2 बार काउंसिलिंग की गई । शुरुआत में कुछ लाेग अपनी स्वेच्छा से दूसरे जिलों में चले गए लेकिन बाद में जब एक साथ ट्रांसफर किया गया तो विरोध शुरू हो गया।


5 जिलों के लिए हुआ था आदेश

जिले में 18 अप्रैल को 564 अतिशेष शिक्षकों के लिए ट्रांसफर आर्डर जारी किए गए थे और रायगढ़ के अलग अलग जनपदों में पदस्थ इन अतिशेष शिक्षकों को कोरबा, कवर्धा, बलौदाबाजार , मुंगेली एवं जांजगीर भेजा गया था।

सीईओ के चक्कर काट रहे शिक्षक

कवर्धा से लौटे ऐसे अतिशेष शिक्षक अब जिपं सीईओ के चक्कर काट रहे हैं और कला व विज्ञान के इस नए मुद्दे के कारण ज्वाइनिंग नहीं कर पाने की परेशानी बताना चाह रहे हैं लेकिन हफ्ते भर से सीईओ से मुलाकात नहीं हो रही है।

रायगढ़ से कवर्धा गए शिक्षक

जनपद शिक्षकों की संख्या

रायगढ़ 119

खरसिया 47

घरघोड़ा 17

तमनार 18

पुसौर 25

कुल 226 शिक्षक

शासन के आदेश के बाद भी लौटाया

अतिशेष के निर्धारण के लिए 2 साल पहले शासन ने आदेश जारी किए थे। इसके अनुसार प्राइमरी स्कूल में कला एवं विज्ञान समूह को एक ही संकाय का मानने के लिए एसीएस ने सभी कलेक्टर व सीईओ को आदेश दिया था लेकिन इसके बाद भी कवर्धा सीईओ ने इसकी अनदेखी कर दी।

कवर्धा जिपं ने पत्र लिखकर अतिशेष के लिए कला समूह की जगह विज्ञान के शिक्षक भेजने की बात कही है। शासन के आदेश के अनुसार प्राइमरी स्कूल में अब कला व विज्ञान को एक ही संकाय का मानना हैं। अधिकारियों से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा जाएगा। '' बीबी तिग्गा , एसीईओ, जिला पंचायत

भास्कर न्यूज | रायगढ़

जांजगीर के बाद अब कवर्धा जिले से भी रायगढ़ के अतिशेष शिक्षकों को वापस किया जा रहा है। कवर्धा जिपं ने रायगढ़ जिपं को पत्र लिखकर अतिशेष में कला समूह की जगह विज्ञान विषय के शिक्षक देने की बात कही है। जबकि शासन ने शिक्षाकर्मी वर्ग 3 के लिए पहले से ही विषय का यह भेद समाप्त कर दिया है। अब कवर्धा से ऐसा आदेश लेकर लौटे शिक्षक जिले में अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।

अतिशेष शिक्षकों के मामले में एक नया मोड़ आया है। रायगढ़ जिले से जिन 564 अतिशेष शिक्षकों का छग के 5 जिलों में ट्रांसफर किया गया था। उनमें से कवर्धा गए 226 शिक्षकों के लिए परेशानी बढ़ गई है। दरअसल अप्रैल महीने में रायगढ़ जिले से प्राइमरी स्कूलों में जरूरत से ज्यादा पदस्थ शिक्षकों को अतिशेष मानकर ट्रांसफर किया गया था और छग के जिन जिलों में सहायक शिक्षक पंचायत के पद रिक्त थे, वहां पर पदस्थापना आदेश जारी किए थे। उस वक्त शासन की ओर से आदेश आया था। जिसके मुताबिक अतिशेष की पदस्थापना एवं ट्रांसफर में कला एवं विज्ञान विषय समूह का कोई भेद ना किया जाए।

मतलब शिक्षाकर्मी वर्ग 3 के सभी विषयों को एकसमान श्रेणी में रखा गया था लेकिन बीते 3 महीनों में अतिशेष शिक्षकों ने वापसी की उम्मीद से हाईकोर्ट में भी अर्जी लगाई हुई थी और कोर्ट की प्रक्रिया में लंबा वक्त लगने की आशंका से घबराए शिक्षकों ने जब कवर्धा जाकर ज्वाइनिंग करनी चाही तो वहां पर कला समूह के लिए पहले से ही अतिशेष वाली स्थिति बताकर इनमें से ज्यादातर को वापस कर दिया है। जिससे ऐसे अतिशेष शिक्षक अब परेशानी में फंस गए हैं।

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