रायपुर. 15 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती करने की
प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस संबंध में आज आदेश जारी कर दिया गया है. इधर
संविलियन का इंतजार कर रहे शिक्षकों ने इस सीधी भर्ती का विरोध जताना शुरू
कर दिया है. शिक्षकों की भर्ती के संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के
विगत 26 जनवरी को ऐलान किया था. सीएम के ऐलान के मुताबिक डीपीआई ने नियमित
शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया शुरू कर दी है.
कहा जा रहा है कि 1995 के बाद पहली बार रेगुलर शिक्षकों की बहाली
होगी. साथ ही कहा जा रहा है कि ऐसा 23 सालों में पहली बार होगा.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ऐलान के बाद ही कवायद तेज कर दी गई थी. हालाँकि
इस भर्ती प्रक्रिया में डेढ़-दो का वक्त लगेगा. व्यापम के जरिये 15 हजार
शिक्षकों के लिए आवेदन मंगाए गए हैं. आवेदन 25 अप्रैल तक किये जा सकते हैं.
चूँकि लोकसभा चुनाव के पहले आचार संहिता लगने में अभी कुछ ही दिन शेष है.
लिहाजा उससे पहले 15 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया
है. भर्ती की प्रक्रिया 26 मार्च से शुरू हो जाएगी.
इधर शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने सीधी भर्ती प्रक्रिया का कड़े शब्दों में
विरोध जताया है. इसका विरोध करते हुए कहा है कि शालेय शिक्षाकर्मी संघ
प्रदेश के बेरोजगार बीएड डीएड किये बेरोजगार साथियों के साथ है, परन्तु
वर्तमान में हमारे लगभग 40000 साथी जो कई बर्षो से पंचायत विभाग में कार्य
कर रहे है, इन सभी शिक्षक पंचायत संवर्ग के शिक्षकों का शिक्षा विभाग में
पूर्णतः संविलियन किया जाए.
शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र दुबे ने विज्ञप्ति
जारी कर आगे कहा है कि सीधी भर्ती विज्ञापन के निकलने से संविलियन से
वंचित शिक्षकों में चिंता की लकीरें तन गई है उनमें निराशा व्याप्त हो गया
है, साथ ही साथ उनके अंदर रोष उत्पन्न हो रहा है, दूसरी ओर सीधी भर्ती के
पुनः कई प्रकार की विसंगतियों का जन्म होगा.
अतः इस हेतु शालेय शिक्षाकर्मी संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुखिया
भूपेश बघेल से मिलकर सभी शेष शिक्षकों का संविलियन करने का पुनः निवेदन
करेगा. ज्ञातव्य है कि चुनाव पूर्व जनघोषणा पत्र में सभी शिक्षकों के
संविलियन करने का उल्लेख किया गया था. शालेय शिक्षाकर्मी संघ सभी शिक्षकों
के संविलियन किये जाने के लिए लगातार ज्ञापनों के माध्यम से शासन को अवगत
कराते रहे है. शालेय शिक्षाकर्मी संघ राजपत्र जारी करते हुए सभी शिक्षकों
को पूर्ण शासकीय शिक्षक का दर्जा प्रदान करने एवं 4 % महंगाई भत्ते का आदेश
जारी करने के लिए आभार व्यक्त करता है.