एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की मनमानी से शिक्षक से लेकर छात्र सभी परेशान हैं। अब यहां शिक्षकों की भर्ती में भी घोटाला शुरू हो गया है। शिक्षकों की भर्ती में रोस्टर का पालन ही नहीं किया गया है। यूनिवर्सिटी के अफसरों ने मनमर्जी से सीटों का बंटवारा कर दिया है। वहीं कई विभागों में भर्ती शुरू हो गई है, फिर भी इनमें से कई लोगों को एडमिशन कार्ड नहीं भेजा गया है और न ही अपात्र लोगों की सूची वेबसाइट पर अपलोड की गई है। इसको लेकर आवेदकों ने एमएचआरडी, यूजीसी और पीएमओ से शिकायत की है।
सीयू के सभी विभागों में शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया को आवेदकों ने गलत ठहराया है। आवेदकों का कहना है कि यूनिवर्सिटी रोस्टर का पालन ही नहीं कर रही है। अपने मन से ही सीटों का बंटवारा कर दिया है। आवेदक संतोष सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी अपने चहेतों को ही एडमिट कार्ड भी भेज रही है। अन्य आवेदक जब पहुंच रहे हैं तो उनको सही जानकारी भी नहीं दी जा रही है। यहां तक कि कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता, प्रभारी कुलसचिव डॉ. शैलेंद्र कुमार से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। आवेदक सिंह ने कहा कि सीयू ने तीन बार रोलिंग विज्ञापन निकाला है लेकिन साक्षात्कार के लिए पात्र-अपात्र की सूची भी वेबसाइट पर नहीं दी है। गुपचुप तरीके से साक्षात्कार करवा रही है। भर्ती यूजीसी के 2018 के नियम के अनुसार भी नहीं की जा रही है। यहां तक यूजीसी के 2018 के नियम को लागू नहीं कर रही है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की मनमानी से शिक्षक से लेकर छात्र सभी परेशान हैं। अब यहां शिक्षकों की भर्ती में भी घोटाला शुरू हो गया है। शिक्षकों की भर्ती में रोस्टर का पालन ही नहीं किया गया है। यूनिवर्सिटी के अफसरों ने मनमर्जी से सीटों का बंटवारा कर दिया है। वहीं कई विभागों में भर्ती शुरू हो गई है, फिर भी इनमें से कई लोगों को एडमिशन कार्ड नहीं भेजा गया है और न ही अपात्र लोगों की सूची वेबसाइट पर अपलोड की गई है। इसको लेकर आवेदकों ने एमएचआरडी, यूजीसी और पीएमओ से शिकायत की है।
सीयू के सभी विभागों में शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया को आवेदकों ने गलत ठहराया है। आवेदकों का कहना है कि यूनिवर्सिटी रोस्टर का पालन ही नहीं कर रही है। अपने मन से ही सीटों का बंटवारा कर दिया है। आवेदक संतोष सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी अपने चहेतों को ही एडमिट कार्ड भी भेज रही है। अन्य आवेदक जब पहुंच रहे हैं तो उनको सही जानकारी भी नहीं दी जा रही है। यहां तक कि कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता, प्रभारी कुलसचिव डॉ. शैलेंद्र कुमार से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। आवेदक सिंह ने कहा कि सीयू ने तीन बार रोलिंग विज्ञापन निकाला है लेकिन साक्षात्कार के लिए पात्र-अपात्र की सूची भी वेबसाइट पर नहीं दी है। गुपचुप तरीके से साक्षात्कार करवा रही है। भर्ती यूजीसी के 2018 के नियम के अनुसार भी नहीं की जा रही है। यहां तक यूजीसी के 2018 के नियम को लागू नहीं कर रही है।