बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज जिला पंचायत ने मनचाहे स्कूलों में
पदस्थ होने वाले शिक्षाकर्मियों की कुंडली तैयार कर ली है। तीनों पंचायत
संवर्गों से जिले में 934 शिक्षाकर्मी अतिशेष हैं। जिन्हें जल्द ही
युक्तियुक्तकरण के जरिए रिक्त पदों के आधार पर पोस्टिंग की जाएगी। इसके
पहले शिक्षाकर्मियों से दावा-आपत्ति ली जाएगी।
जिले में करीब 13 हजार से अधिक पंचायत संवर्ग के शिक्षक कार्यरत हैं। नियुक्ति के दौरान प्राथमिकता के आधार पर गांवों में जहां रिक्त पद है वहां पदस्थापना की गई थी,लेकिन वर्तमान में 934 ऐसे शिक्षाकर्मी हैं जो ऊंची पहुंच के दम पर शहर के आसपास के स्कूलों में अटैच हो गए हैं। यहां पद भी खाली नहीं है। जिला पंचायत को इस संबंध में लगातार शिकायत मिल रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों जिले के सभी सीईओ और बीईओ को एक प्रारूप जारी कर अतिशेष शिक्षाकर्मियों की जानकारी मांगी थी। ब्लॉकों से जानकारी जिला पंचायत पहुंच गई है। इसमें व्याख्याता और व्याख्याता पंचायत के 146, शिक्षक पंचायत के 299 और सहायक शिक्षक पंचायत के 489 शामिल हैं। अतिशेष शिक्षाकर्मियों के खुलासे के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आज से दावा-आपत्ति
जिला पंचायत ने दावा-आपत्ति की तारीख भी घोषित कर दी है। 21 से 25 अक्टूबर तक अतिशेष शिक्षक जिनके नाम सूची में शामिल हैं वे दावा-आपत्ति कर सकते हैं। व्याख्याता पंचायत की दावा-आपत्ति जिला पंचायत में होगी। वहीं शिक्षक पंचायत और सहायक शिक्षक पंचायत की दावा-आपत्ति के लिए जनपद सीईओ और बीईओ को पत्र लिखा गया है।
2009 में हुई थी प्रक्रिया
जिले में इसके पहले युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया सात साल पहले यानी 2009 में की गई थी। इस दौरान अतिशेष शिक्षाकर्मियों को हटाने पर काफी बवाल मचा था। इस बार भी अतिशेष शिक्षाकर्मियों की संख्या अधिक होने के कारण बवाल मचने की आशंका जताई जा रही है।
प्रारंभिकतौर पर जिले में 934 शिक्षाकर्मी अतिशेष हैं। पहले उनसे दावा-आपत्ति ली जाएगी। इसके बाद रिक्त पदों के आधार पर उनकी पोस्टिंग की जाएगी।
जेपी मौर्य
सीईओ जिला पंचायत
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जिले में करीब 13 हजार से अधिक पंचायत संवर्ग के शिक्षक कार्यरत हैं। नियुक्ति के दौरान प्राथमिकता के आधार पर गांवों में जहां रिक्त पद है वहां पदस्थापना की गई थी,लेकिन वर्तमान में 934 ऐसे शिक्षाकर्मी हैं जो ऊंची पहुंच के दम पर शहर के आसपास के स्कूलों में अटैच हो गए हैं। यहां पद भी खाली नहीं है। जिला पंचायत को इस संबंध में लगातार शिकायत मिल रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों जिले के सभी सीईओ और बीईओ को एक प्रारूप जारी कर अतिशेष शिक्षाकर्मियों की जानकारी मांगी थी। ब्लॉकों से जानकारी जिला पंचायत पहुंच गई है। इसमें व्याख्याता और व्याख्याता पंचायत के 146, शिक्षक पंचायत के 299 और सहायक शिक्षक पंचायत के 489 शामिल हैं। अतिशेष शिक्षाकर्मियों के खुलासे के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आज से दावा-आपत्ति
जिला पंचायत ने दावा-आपत्ति की तारीख भी घोषित कर दी है। 21 से 25 अक्टूबर तक अतिशेष शिक्षक जिनके नाम सूची में शामिल हैं वे दावा-आपत्ति कर सकते हैं। व्याख्याता पंचायत की दावा-आपत्ति जिला पंचायत में होगी। वहीं शिक्षक पंचायत और सहायक शिक्षक पंचायत की दावा-आपत्ति के लिए जनपद सीईओ और बीईओ को पत्र लिखा गया है।
2009 में हुई थी प्रक्रिया
जिले में इसके पहले युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया सात साल पहले यानी 2009 में की गई थी। इस दौरान अतिशेष शिक्षाकर्मियों को हटाने पर काफी बवाल मचा था। इस बार भी अतिशेष शिक्षाकर्मियों की संख्या अधिक होने के कारण बवाल मचने की आशंका जताई जा रही है।
प्रारंभिकतौर पर जिले में 934 शिक्षाकर्मी अतिशेष हैं। पहले उनसे दावा-आपत्ति ली जाएगी। इसके बाद रिक्त पदों के आधार पर उनकी पोस्टिंग की जाएगी।
जेपी मौर्य
सीईओ जिला पंचायत
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