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शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे केंद्रीय विद्यालय

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । केंद्रीय विद्यालय इस समय शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि औसतन हर स्कूल में दस शिक्षकों की कमी है। 10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की कमी की वजह से छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहे असर को देखते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने इनकी नियुक्ति प्रक्रिया काफी तेज कर दी है।

साहब ने छात्र से पूछा क्या बनोगे, जवाब- शिक्षक, बिना काम के मिलता है खूब वेतन

देशभर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का लगातार गिरता स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। इसके सुधार के लिए तमाम बड़े बड़े दावे और वादे किए जाते हैं लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात।

शिक्षक बनना है तो देनी होगी PET-PMT जैसी परीक्षा

आज हर ओर शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। शिक्षा के स्तर को अच्छा बनाने के लिए भारतीय सरकार ने कुछ बुनियादी कदम अपनाने पर विचार करना शुरू किया है। जिसके माध्यम से शिक्षा के स्तर विशेषकर प्राथमिक शिक्षा की गुणवक्ता मे सुधार किया जा सके।

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