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22% शिक्षक ही बच्चों को पढ़ाने के काबिल एचएम तक को नहीं आता 100 से 99 घटाना

जिले में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की क्वालिटी में सुधार नहीं के बराबर हो रहा है। जिले के सिर्फ 22.22% टीचर ही अपनी बात प्राइमरी और मिडिल स्टैंडर्ड के बच्चों को समझा पाते हैं। यही नहीं, 8.97% शिक्षकों को तो पहली से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाना भी नहीं आता। 31.62% टीचर सामान्य स्टैंडर्ड के हैं। इनसे बेहतर की उम्मीद है।

शिक्षक संघ की प्रांतीय बैठक कल, कई मुद्दो पर होगी चर्चा

रायपुर | शिक्षक संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को पेंशनबाड़ा बोर्ड कैंपस स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई है।

इस तरह लग रही बच्चों की क्लॉस, सो रहा शिक्षा विभाग

महासमुंद. जिले के कई सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर नशे का सुरूर इस कदर चढ़ा है कि स्कूल तक में धुत होकर आ रहे हैं। प्रायमरी स्कूल से लेकर हायर सेकंडरी तक और शिक्षक से लेकर प्रिंसिपल तक के नशापान कर स्कूल पहुंचने, बच्चों और स्टाफ से दुव्र्यवहार, मारपीट करने की घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं।

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