अंबिकापुर/रामानुजगंज.
कलक्टर अवनीश कुमार शरण ने शुक्रवार को कनकपुर के हायर सेकेंडरी, मिडिल व
प्राइमरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 10वीं के
छात्रों से 12 का पहाड़ा पूछा तो जवाब मिला नहीं आता। वहीं कक्षा 9वीं के
बच्चों से पहाड़ा पूछने पर वह चुप हो गए।
बच्चों की एेसी हालत पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इसके लिए प्राचार्य व शिक्षकों को फटकार भी लगाई।
उन्होंने कहा कि ये कैसी पढ़ाई करा रहे हो कि हाईस्कूल के बच्चों को पहाड़ा तक नहीं आता। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की दर्ज संख्या के अनुसार उपस्थिति तथा मध्यान्ह भोजन वितरण के संबंध में जानकारी ली।
गौरतलब है कि गर्मी छुट्टियों के बाद 16 जून से स्कूलों में शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन स्कूलों में काफी कम संख्या में बच्चे पहुंचे थे, साथ ही कई शिक्षक भी नदारद थे। इसी के मद्देनजर 17 जून को कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने रामचंद्रपुर विकासखंड के नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल कनकपुर का औचक निरीक्षण किया।
कक्षा दसवीं में छात्रों की दर्ज संख्या 19 में 12 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तक मिलने की जानकारी ली। इसके बाद एक छात्र से विज्ञान पुस्तक के पाठ को पढऩे के लिए कहा। फिर कलेक्टर ने कक्षा 9वीं का निरीक्षण किया, यहां सिर्फ 7 बच्चे ही उपस्थित मिले। कम उपस्थिति के संबंध में कलेक्टर ने प्राचार्य व शिक्षकों से जानकारी ली।
पूछा पहाड़ा तो खुल गई पोल
स्कूल निरीक्षण के दौरान कक्षा 9वीं में पहुंचे कलेक्टर ने विद्यार्थियों से अचानक पहाड़ा पूछ दिया तो शिक्षा गुणवत्ता की पोल खुल गई। विद्यार्थी पहाड़ा नहीं बता पाए। कलेक्टर ने भी आश्चर्य व्यक्त किया। यही नहीं दसवीं के विद्यार्थियों से जब 12 का पहाड़ा पूछा गया तो वे भी नहीं बता पाए।
स्कूल में शिक्षा का ये स्तर देखकर कलेक्टर नाराज हो गए। उन्होंने संस्था के प्राचार्य व तीन शिक्षकों पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने प्राचार्य व शिक्षकों को कहा कि ये कैसी पढ़ाई करा रहे हो कि दसवीं के विद्यार्थियों को सिर्फ 11 तक पहाड़ा आता है। उन्होंने शिक्षकों को और गुणवत्तापूर्वक पढ़ाई कराने के निर्देश दिए।
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बच्चों की एेसी हालत पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इसके लिए प्राचार्य व शिक्षकों को फटकार भी लगाई।
उन्होंने कहा कि ये कैसी पढ़ाई करा रहे हो कि हाईस्कूल के बच्चों को पहाड़ा तक नहीं आता। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की दर्ज संख्या के अनुसार उपस्थिति तथा मध्यान्ह भोजन वितरण के संबंध में जानकारी ली।
गौरतलब है कि गर्मी छुट्टियों के बाद 16 जून से स्कूलों में शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन स्कूलों में काफी कम संख्या में बच्चे पहुंचे थे, साथ ही कई शिक्षक भी नदारद थे। इसी के मद्देनजर 17 जून को कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने रामचंद्रपुर विकासखंड के नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल कनकपुर का औचक निरीक्षण किया।
कक्षा दसवीं में छात्रों की दर्ज संख्या 19 में 12 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तक मिलने की जानकारी ली। इसके बाद एक छात्र से विज्ञान पुस्तक के पाठ को पढऩे के लिए कहा। फिर कलेक्टर ने कक्षा 9वीं का निरीक्षण किया, यहां सिर्फ 7 बच्चे ही उपस्थित मिले। कम उपस्थिति के संबंध में कलेक्टर ने प्राचार्य व शिक्षकों से जानकारी ली।
पूछा पहाड़ा तो खुल गई पोल
स्कूल निरीक्षण के दौरान कक्षा 9वीं में पहुंचे कलेक्टर ने विद्यार्थियों से अचानक पहाड़ा पूछ दिया तो शिक्षा गुणवत्ता की पोल खुल गई। विद्यार्थी पहाड़ा नहीं बता पाए। कलेक्टर ने भी आश्चर्य व्यक्त किया। यही नहीं दसवीं के विद्यार्थियों से जब 12 का पहाड़ा पूछा गया तो वे भी नहीं बता पाए।
स्कूल में शिक्षा का ये स्तर देखकर कलेक्टर नाराज हो गए। उन्होंने संस्था के प्राचार्य व तीन शिक्षकों पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने प्राचार्य व शिक्षकों को कहा कि ये कैसी पढ़ाई करा रहे हो कि दसवीं के विद्यार्थियों को सिर्फ 11 तक पहाड़ा आता है। उन्होंने शिक्षकों को और गुणवत्तापूर्वक पढ़ाई कराने के निर्देश दिए।
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