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🔴 छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र 2025: 628 सवाल, ‘विजन 2047’ और विपक्ष का बहिष्कार बना चर्चा का केंद्र

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 2025 सियासी सरगर्मियों के बीच शुरू हो गया है। यह सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि इसे नए विधानसभा भवन, नवा रायपुर में और पूरी तरह पेपरलेस तरीके से आयोजित किया जा रहा है। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष के बहिष्कार और सरकार के ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ विजन ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया।

🏛️ चार दिन चलेगा विधानसभा सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र चार दिनों तक चलेगा। सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच नीतियों, योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर तीखी बहस के आसार हैं।

❓ विधायकों के 628 सवाल, सरकार पर बढ़ा दबाव

इस सत्र के लिए विधायकों द्वारा कुल 628 प्रश्न लगाए गए हैं, जिनमें—

  • 333 तारांकित प्रश्न

  • 295 अतारांकित प्रश्न
    शामिल हैं। सभी प्रश्न डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किए गए हैं, जो विधानसभा की कार्यप्रणाली में तकनीकी बदलाव को दर्शाता है।

🚩 ‘विजन 2047’ पर चर्चा, विपक्ष ने किया बहिष्कार

सत्र के पहले दिन सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ विषय को प्रमुख एजेंडा के रूप में रखा। वहीं विपक्षी दलों ने इसे जनता के मौजूदा मुद्दों से भटकाने का प्रयास बताते हुए कार्यवाही का बहिष्कार किया। इससे सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

⚖️ कानून-व्यवस्था, रोजगार और धान खरीदी जैसे मुद्दे हावी

सत्र के दौरान जिन मुद्दों पर सबसे ज्यादा चर्चा की संभावना है, उनमें—

  • कानून-व्यवस्था

  • बेरोजगारी और रोजगार

  • धान खरीदी

  • बिजली और महंगाई

  • शिक्षा से जुड़े निर्णय
    शामिल हैं। विपक्ष इन विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति में नजर आ रहा है।

📌 पेपरलेस विधानसभा बनी आकर्षण का केंद्र

यह सत्र पूरी तरह पेपरलेस होने के कारण भी चर्चा में है। विधायकों को टैबलेट के माध्यम से प्रश्न, कार्यसूची और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे विधानसभा की कार्यवाही अधिक पारदर्शी और आधुनिक बन सके।

🔥 आने वाले दिनों में और तेज होगा सियासी घमासान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ेगा, सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होगा। खासकर जनहित और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सदन का माहौल और गरमाने के संकेत हैं।

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