छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में D.Ed (Diploma in Education) शिक्षक उम्मीदवारों ने शिक्षा विभाग के कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन और घेराव किया। हजारों अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती में देरी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर नाराज़ दिखाई दिए और उन्होंने अपनी मांगों को मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रदर्शन किया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने इलाके में ट्रैक और बैरिकेड लगाई, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो और किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
🔹 प्रदर्शन की मुख्य वजह
प्रदर्शनकारी D.Ed उम्मीदवारों का कहना है कि:
✔ वर्षों से शिक्षक भर्ती का इंतज़ार किया जा रहा है
✔ भर्ती प्रक्रिया में देरी से उन्हें करियर और आर्थिक समस्या हो रही है
✔ नोटिफिकेशन देर से जारी होने से नौकरी में बाधा उत्पन्न हो रही है
✔ भर्ती नियमों, पात्रता और समय-सीमा में स्पष्टता लाने की जरूरत
एक परिचारिका ने कहा, “हमें हमारे अधिकार चाहिए और हमें नियुक्ति प्रक्रिया का पारदर्शी तथा समयबद्ध निपटान चाहिए।”
🔹 पुलिस की प्रतिक्रिया और नियंत्रण
घेराव के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए:
✔ बैरिकेड / ट्रैक लगाया
✔ शांति बनाए रखने के निर्देश जारी किए
✔ प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि आवाज़ शांतिपूर्ण तरीके से उठाई जाए
✔ किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की
पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को अपना विवेकपूर्ण प्रबंधन करना चाहिए और प्रशासन से बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए।
🔹 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की स्थिति
छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर पिछले कई महीनों से चर्चाएँ और मांगें चल रही हैं। D.Ed, B.Ed तथा अन्य योग्यताओं के अभ्यर्थियों ने बार-बार मांग उठाई है कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए, ताकि बेरोजगार शिक्षक नौकरी पाकर शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकें।
विभाग ने संकेत दिया है कि:
📌 भर्ती प्रक्रिया की तैयारी चल रही है
📌 पात्रता सूची और मेरिट तैयार की जा रही है
📌 भर्ती के लिए समय-सीमा की समीक्षा की जा रही है
📌 जल्द ही भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है
🔹 अभ्यर्थियों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि:
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वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे हैं
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यदि भर्ती प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा
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उनका उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित करना है
एक अभ्यर्थी ने कहा कि “हमें शिक्षा विभाग से निष्पक्ष भर्ती चाहिए, जिससे योग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिले और शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो।”
🔹 जिस पर ध्यान देना जरूरी है
विशेषज्ञ मानते हैं कि:
✔ यदि भर्ती प्रक्रिया समय पर लागू नहीं हुई
✔ यदि नियम स्पष्ट नहीं हैं
✔ यदि मेरिट और पात्रता में प्रतिबद्धता नहीं दिखी
तो तनाव और विरोध और बढ़ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को अभ्यर्थियों के साथ संवाद व नीति स्पष्टता पर ध्यान देना आवश्यक है।
🔹 निष्कर्ष
रायपुर में D.Ed उम्मीदवारों का प्रदर्शन और पुलिस द्वारा ट्रैक/बैरिकेड की व्यवस्था शिक्षा विभाग के सामने एक गंभीर संदेश है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी, समयबद्ध तथा न्यायसंगत बनाना जरूरी है।
शिक्षक और अभ्यर्थी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन दी गई मांगों का जवाब जल्द मिलने की प्रतीक्षा है। यदि जल्द समाधान नहीं मिला, तो आगे बड़े आंदोलन की आशंका भी बन सकती है।
इस घेराव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षक भर्ती न केवल नौकरी का विषय है बल्कि शिक्षा समुदाय का विश्वास और भविष्य भी है।